जसूर फ्लाईओवर: कछुआ चाल से निर्माण और सुरक्षा में चूक, आफत में राहगीर और व्यापारी
जसूर (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-154) पर निर्माणाधीन फोरलेन फ्लाईओवर जसूर कस्बे के लिए जी का जंजाल बन गया है। निर्माण कार्य की समय सीमा (Deadline) मई 2024 में ही समाप्त हो चुकी है, लेकिन काम अभी भी अधूरा है। लापरवाही का आलम यह है कि सिर के ऊपर लटके भारी-भरकम गार्डर और नीचे बेतरतीब बिखरी निर्माण सामग्री किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
जाम से बेहाल जनता, धूल फांकते व्यापारी
वर्तमान में बाजार के बीच से केवल एक लेन पर ही यातायात चल रहा है। कांगड़ा जिले के इस मुख्य प्रवेश द्वार पर घंटों लंबे ट्रैफिक जाम की वजह से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल और मिट्टी के कारण स्थानीय व्यापारियों का कारोबार तो ठप हो ही रहा है, साथ ही स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं।

डीएसपी नूरपुर ने किया निरीक्षण, कंपनी को फटकार
बुधवार को बढ़ती दिक्कतों और ट्रैफिक अव्यवस्था को देखते हुए डीएसपी नूरपुर चंद्रपाल सिंह ने जसूर कस्बे का पैदल दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण कंपनी के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि:
- सड़क के बीच मशीनरी और निर्माण सामग्री को बेतरतीब ढंग से न रखें।
- ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाए।
- व्यापारियों को भी हिदायत दी गई कि वे सामान सड़कों और पैदल रास्तों पर न फैलाएं।

”मौत के साए में व्यापार और आवाजाही”
स्थानीय व्यापारियों मुकुल धीमान, लक्की और रवि नैय्यर ने प्रशासन और कंपनी के प्रति भारी रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि:
”बाजार में निर्माण सामग्री का अंबार लगा है। ग्राहकों के पास गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं है। सबसे ज्यादा डर ऊपर हो रहे वेल्डिंग कार्य और लटके हुए गार्डरों से लगता है। सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।”









