ईरान में बढ़ता तनाव: सुरक्षित निकासी की गुहार लगाते भारतीय छात्रों के परिजन
ईरान/ नई दिल्ली : ईरान में जारी अशांति और हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार द्वारा जारी की गई ‘एडवाइजरी’ (परामर्श) ने वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों के माता-पिता की रातों की नींद उड़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों को जल्द से जल्द उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है। इस घोषणा के बाद से ही भारत में रह रहे सैकड़ों परिवारों में डर और बेचैनी का माहौल है।
संचार ठप होने से बढ़ी घबराहट
अभिभावकों का कहना है कि सरकार की इस सलाह ने छात्रों के बीच घबराहट पैदा कर दी है। ईरान में इंटरनेट और संचार सुविधाओं पर लगी पाबंदियों के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई है। अधिकांश छात्र अपने परिवारों के साथ नियमित संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे भारत में उनके माता-पिता किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं।

सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील
एक अभिभावक, सैयद मुजामिल कादरी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें विदेश मंत्री की क्षमता और उनकी निष्ठा पर पूरा भरोसा है। लेकिन हम भारत सरकार से विनम्र अनुरोध करते हैं कि इस कठिन समय में हमारे बच्चों को अकेला न छोड़े। सरकार उनकी सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।”
अभिभावकों के अनुसार, छात्र इस समय अपनी सुरक्षा और करियर को लेकर गहरे मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।

प्रमुख मांगें:
- तत्काल निकासी: केंद्र सरकार विशेष विमानों या अन्य व्यवस्थित माध्यमों से छात्रों की सुरक्षित वापसी का प्रबंध करे।
- कूटनीतिक बातचीत: भारत सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ सीधा संपर्क साधे ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- करियर की सुरक्षा: मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्स कर रहे छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर भी स्पष्टता दी जाए।
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई में देरी हुई, तो छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें विदेश मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं।









