लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शक्सगाम घाटी पर चीन के दावों को किया खारिज; कहा- पूरा PoK भारत का अभिन्न अंग है।
लेह : शक्सगाम घाटी में चीन की बढ़ती गतिविधियों और उसके क्षेत्रीय दावों पर भारत ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने चीन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह 1962 का भारत नहीं, बल्कि 2026 का एक सक्षम और शक्तिशाली भारत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का पूरा क्षेत्र भारत का है और किसी भी विस्तारवादी प्रयास को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
’चीन की विस्तारवादी नीति विफल होगी’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप-राज्यपाल ने कहा, “पूरा कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा भी शामिल है, हमारा है। हमें नहीं पता कि पाकिस्तान ने चीन के साथ क्या गुप्त सौदा किया है, लेकिन चीन को यह समझ लेना चाहिए कि उसकी विस्तारवादी नीति से उसे कुछ हासिल नहीं होने वाला।” उन्होंने आगे कहा कि विदेश मंत्रालय इन गतिविधियों का संज्ञान ले रहा है और भारत किसी भी दुस्साहस को विफल करने में पूरी तरह सक्षम है।

पाकिस्तान पर तीखा हमला: ‘नीलाम हो रहा है पड़ोसी देश’
पाकिस्तान की आलोचना करते हुए गुप्ता ने कहा कि वह एक ऐसा देश है जिसे बेचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान को न तो अपनी संप्रभुता की चिंता है और न ही अपने लोगों की।
- आंतरिक विद्रोह: बलूचिस्तान, सिंध और कराची में उठ रही आवाजों और वहां पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
- सेना का शासन: उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में वस्तुतः सेना का ही शासन है और पाकिस्तान संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होकर अपने ही लोगों को छल रहा है।
शक्सगाम घाटी का ऐतिहासिक विवाद
चीन द्वारा शक्सगाम घाटी में अवसंरचना परियोजनाओं को ‘संदेह से परे’ बताने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। ज्ञात हो कि:
-
- अवैध हस्तांतरण: 1963 में पाकिस्तान ने अवैध रूप से शक्सगाम घाटी का 5,180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को सौंप दिया था।
- संसदीय प्रस्ताव: गुप्ता ने 1994 के संसदीय प्रस्ताव की याद दिलाई, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि पूरा PoK भारत का है।
”पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। सेना प्रमुख का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बयान जिम्मेदार है और हम इसका स्वागत करते हैं। भारत की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा।”
— कविंदर गुप्ता, उप-राज्यपाल, लद्दाख

अरुणाचल पर भी भारत का रुख स्पष्ट
उप-राज्यपाल ने याद दिलाया कि चीन ने पहले भी अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों पर दावे किए थे, जिन्हें भारत ने हमेशा खारिज किया है। उन्होंने दोहराया कि आज का भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और एकजुट है। सेना प्रमुख के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को पूर्ण राष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है।









