लंदन के हाउंसलो में सिख किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, आक्रोशित समुदाय ने खुद छुड़ाया; ‘ग्रूमिंग गैंग’ पर गंभीर आरोप

लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन का पश्चिमी इलाका हाउंसलो (Hounslow) इन दिनों एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना से दहल उठा है। यहां 15 साल की एक सिख किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के मामले ने न केवल ब्रिटेन, बल्कि भारत सरकार और वैश्विक सिख समुदाय को भी झकझोर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर ब्रिटेन में सक्रिय ‘ग्रूमिंग गैंग्स’ के भयावह नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है।
बंधक बनाकर कई दिनों तक दरिंदगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 12-13 जनवरी के बीच इस मासूम लड़की को धोखे से फंसाकर अगवा किया गया। उसे पाकिस्तानी मूल के एक 34 वर्षीय व्यक्ति के फ्लैट में बंद रखा गया था। आरोप है कि वहां आरोपी और उसके 5-6 साथियों ने कई दिनों तक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

जब पुलिस रही नाकाम, तो समुदाय ने संभाला मोर्चा
घटना की खबर फैलते ही हाउंसलो में सिख समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने समय रहते पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन स्कॉटलैंड यार्ड (ब्रिटिश पुलिस) ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- विरोध प्रदर्शन: 13 जनवरी को करीब 200-300 सिख प्रदर्शनकारी आरोपी के फ्लैट के बाहर जमा हो गए।
- सुरक्षा पर सवाल: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस आरोपी के घर की सुरक्षा कर रही थी, जबकि प्रदर्शनकारी लड़की की रिहाई की मांग कर रहे थे। अंततः, समुदाय के दबाव और हस्तक्षेप के बाद ही लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

क्या है ‘ग्रूमिंग गैंग’ का नेटवर्क?
सिख संगठनों ने इस घटना को संगठित ‘ग्रूमिंग गैंग’ का हिस्सा बताया है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है:
- शिकार की पहचान: 11 से 16 साल की कमजोर लड़कियों को सोशल मीडिया या स्कूलों के पास निशाना बनाया जाता है।
- विश्वास जीतना: आरोपी खुद को ‘बॉयफ्रेंड’ बताकर महंगे उपहार, शराब या ड्रग्स का लालच देते हैं।
- अलगाव और शोषण: धीरे-धीरे लड़की को परिवार से काटकर उसे फ्लैट या होटलों में ले जाया जाता है, जहां उसका यौन शोषण होता है।
- ब्लैकमेलिंग: नग्न तस्वीरें और मारपीट की धमकी देकर पीड़िता को चुप रहने पर मजबूर किया जाता है।
भारत सरकार ने जताया कड़ा ऐतराज
इस संवेदनशील मामले पर भारत सरकार ने भी पैनी नजर बना रखी है। शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बाल शोषण का अत्यंत गंभीर मामला है। भारत ने उम्मीद जताई है कि ब्रिटिश अधिकारी बिना किसी पक्षपात के दोषियों को कड़ी सजा देंगे और संगठित शोषण के इस पैटर्न को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
धार्मिक पहचान पर हमला
सिख समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि एक विशिष्ट समुदाय की लड़कियों को निशाना बनाकर उनकी धार्मिक और सामाजिक पहचान पर हमला है। ब्रिटेन में पिछले दो दशकों में ऐसे कई मामले आए हैं जहां पीड़ितों को धर्मांतरण के लिए भी मजबूर किया गया।

संपादकीय टिप्पणी: यह घटना ब्रिटिश प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।








