फेडरल एजेंटों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प
मिनियापोलिस (मिनेसोटा): अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में फेडरल एजेंटों द्वारा प्रवासियों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। इमिग्रेशन अधिकारी द्वारा रेनी गुड (Rene Good) को गोली मारे जाने की घटना के बाद से पूरे इलाके में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। ताजा घटनाक्रम में, एजेंटों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए स्प्रे का इस्तेमाल किया और एक व्यक्ति को उसके घर के अंदर घुसकर हिरासत में ले लिया।
सड़कों पर म मचा हंगामा
फेडरल एजेंटों की इस कार्रवाई को रोकने के लिए स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने कारों के हॉर्न, ड्रम और सीटियां बजाकर शोर मचाया ताकि अधिकारियों की कार्रवाई में बाधा डाली जा सके। आंकड़ों के अनुसार, मिनेसोटा में अब तक 2,000 से अधिक प्रवासियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बिना वारंट दरवाजा न खोलने की अपील
प्रवासी अधिकार समूहों ने समुदाय के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। समूहों ने स्पष्ट किया है कि:
- केवल इमिग्रेशन अधिकारी के हस्ताक्षरित कागजात के आधार पर किसी के घर में जबरन प्रवेश नहीं किया जा सकता।
- लोगों से अपील की गई है कि वे तब तक दरवाजा न खोलें जब तक कि एजेंट किसी न्यायाधीश (Judge) द्वारा हस्ताक्षरित अदालती वारंट पेश न करें।

नेताओं ने जताई नाराजगी
मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के सदस्य जेसन शावेज ने कहा कि फेडरल एजेंट ‘झुंड’ में आकर कार्रवाई कर रहे हैं। मेक्सिको के एक प्रवासी के बेटे शावेज ने कहा कि वे इन गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
वहीं, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फरे और सीनेटर टीना स्मिथ ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में “फेडरल सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता।”









