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लोहड़ी: फसलों का त्योहार और सेहत का उपहार; जानें पारंपरिक पकवानों का महत्व

लोहड़ी: फसलों का त्योहार और सेहत का उपहार; जानें पारंपरिक पकवानों का महत्व

उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान ‘लोहड़ी’ का त्योहार अपने साथ खुशियों की गर्माहट लेकर आता है। पौष के महीने की कड़ाके की ठंड और फसलों की कटाई के उल्लास के बीच यह पर्व आपसी मेलजोल और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे बड़ा माध्यम है। लोहड़ी की शाम जब पवित्र अग्नि (बोनफायर) जलाई जाती है, तो उसमें अर्पित किए जाने वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थों का न केवल धार्मिक, बल्कि गहरा वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व भी होता है।

​आइए विस्तार से जानते हैं लोहड़ी के उन स्वादों के बारे में, जिनके बिना यह उत्सव अधूरा है।

1. रेवड़ी और गजक: मिठास के साथ सेहत की गर्माहट

​लोहड़ी के जश्न में सबसे पहले जुबां पर रेवड़ी और गजक का नाम आता है। तिल और गुड़ के मेल से बने ये व्यंजन सर्दियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

  • वैज्ञानिक महत्व: आयुर्वेद के अनुसार, तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है। तिल जहाँ कैल्शियम और आयरन का भंडार है, वहीं गुड़ शरीर के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।
  • धार्मिक प्रतीक: पवित्र अग्नि में तिल अर्पित करना ईश्वर को नई फसल का पहला अंश भेंट करने का प्रतीक माना जाता है।

2. मूंगफली: सर्दियों का ‘सुपरफूड’

​आग के चारों ओर घेरा बनाकर बैठना और मूंगफली चबाना लोहड़ी की सबसे पुरानी और प्रिय परंपरा है। इसे ‘गरीबों का काजू’ कहा जाता है, जो प्रोटीन और गुड फैट्स का मुख्य स्रोत है।

  • महत्व: लोहड़ी के समय ही बाजार में नई मूंगफली की आवक होती है। अग्नि देवता को मूंगफली भेंट करना घर में सुख-समृद्धि और बरकत लाने की प्रार्थना का हिस्सा है।

3. पॉपकॉर्न (फुल्ले): नकारात्मकता का दहन

​हल्के-फुल्के पॉपकॉर्न (मक्का) को लोहड़ी की आग में ‘आहुति’ के तौर पर डाला जाता है।

  • दर्शन: मक्का नई फसल का प्रतीक है। मान्यता है कि जिस तरह मक्का अग्नि में जाकर खिल उठता है, उसी तरह अग्नि में पॉपकॉर्न डालने से मनुष्य की पुरानी नकारात्मकता जल जाती है और जीवन में नई व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

4. मक्के की रोटी और सरसों का साग: परंपरा का असली स्वाद

​लोहड़ी के दिन का मुख्य भोजन ‘मक्के की रोटी और सरसों का साग’ होता है। यह डिश किसान की कड़ी मेहनत और धरती मां के आशीर्वाद का प्रतिबिंब है।

  • पोषण: सरसों का साग फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। मक्का शरीर को पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा देता है।
  • बैलेंस्ड डाइट: जब इसे घर के बने सफेद मक्खन के साथ परोसा जाता है, तो यह सर्दियों के लिए एक संपूर्ण और संतुलित आहार बन जाता है।

निष्कर्ष

​लोहड़ी का त्योहार हमें सिखाता है कि हम प्रकृति से जो लेते हैं, उसका सम्मान करें और उसे साझा करें। अग्नि की लपटों के बीच गूंजते ‘सुंदर मुंदरिये’ के गीत और इन पारंपरिक पकवानों की खुशबू हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।

Ami News
Author: Ami News

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