PSEB: 8वीं, 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, 12वीं कंप्यूटर साइंस में इस बार बड़ा बदलाव
चंडीगढ़/मोहाली: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने फरवरी/मार्च 2026 में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए कमर कस ली है। बोर्ड ने कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
2 से 12 फरवरी तक होंगी परीक्षाएं
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, तीनों कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 2 फरवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं में नियमित (Regular) विद्यार्थियों के अलावा ओपन स्कूल, कंपार्टमेंट, री-अपीयर और अतिरिक्त विषय (Additional Subject) वाले परीक्षार्थी भी हिस्सा लेंगे।

12वीं कंप्यूटर साइंस में बड़ा बदलाव: अब बाहरी परीक्षक लेंगे परीक्षा
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब 12वीं श्रेणी के कंप्यूटर साइंस विषय की प्रैक्टिकल परीक्षा भी एक्सटर्नल परीक्षकों (External Examiners) द्वारा ली जाएगी।
- परीक्षा केंद्र: ये परीक्षाएं विद्यार्थियों के अपने ही स्कूलों (Self Center) में होंगी।
- प्रश्न पत्र: प्रश्न पत्र ऑनलाइन लिंक के माध्यम से बोर्ड द्वारा भेजे जाएंगे।
- 10वीं के लिए नियम: 10वीं श्रेणी की कंप्यूटर साइंस परीक्षा स्कूल स्तर पर ही होगी, लेकिन पारदर्शिता के लिए परीक्षकों को परीक्षा की छोटी वीडियो क्लिप बनाकर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड को भेजी जा सकें।
किन विषयों के लिए नियुक्त होंगे बाहरी परीक्षक?
12वीं श्रेणी के मुख्य विषयों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लेक्चरर/अध्यापकों की ड्यूटी इंटरचेंज (अदला-बदली) करके दूसरे स्कूलों में लगाएंगे। इन विषयों में शामिल हैं:
- फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी
- अकाउंटेंसी-2, फंडामेंटल्स ऑफ ई-बिजनेस
- होम साइंस और कंप्यूटर एप्लीकेशन
नोट: अन्य शेष विषयों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूल स्तर पर ही संबंधित विषय अध्यापकों द्वारा तैयार प्रश्न पत्रों के आधार पर आयोजित की जाएंगी।

सख्ती से पालन के निर्देश
बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, क्षेत्रीय प्रबंधकों और स्कूल प्रमुखों को इन हिदायतों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले केंद्रों पर बोर्ड कड़ी कार्रवाई कर सकता है।









