मैदान पर थमी सांसें: मिजोरम के पूर्व रणजी क्रिकेटर के. लालरेमरूआटा का मैच के दौरान निधन

भारतीय घरेलू क्रिकेट से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। मिजोरम के पूर्व रणजी खिलाड़ी और अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज के. लालरेमरूआटा का गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान मैदान पर ही निधन हो गया। 38 वर्षीय लालरेमरूआटा मैच खेल रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़े। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक (स्ट्रोक) बताया जा रहा है।
बल्लेबाजी के बाद पवेलियन लौटते समय हुआ हादसा
यह दुखद घटना आइजोल के पास सैरंग रेलवे स्टेशन के निकट सुआका क्रिकेट ग्राउंड पर हुई। लालरेमरूआटा ‘खालेद मेमोरियल सेकेंड डिवीजन स्क्रीनिंग टूर्नामेंट’ में ‘वेंगनुआइ रेडर्स क्रिकेट क्लब’ (VRCC) की ओर से खेल रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की पारी पूरी की थी और जैसे ही वह पवेलियन की ओर लौटने लगे, उन्हें सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। देखते ही देखते वह मैदान पर ही अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मिजोरम क्रिकेट का एक ‘अनुशासित’ चेहरा
38 वर्षीय लालरेमरूआटा मिजोरम क्रिकेट के शुरुआती दौर के उन खिलाड़ियों में से थे, जिन्होंने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके करियर पर एक नजर:
- रणजी ट्रॉफी: उन्होंने 2 बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट (Ranji Trophy) में मिजोरम का प्रतिनिधित्व किया।
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी: टी-20 प्रारूप में उन्होंने राज्य के लिए 7 मुकाबले खेले।
- स्थानीय कद: प्रोफेशनल क्रिकेट से दूर होने के बाद भी वह स्थानीय क्लब क्रिकेट में बेहद सक्रिय थे और ‘सीनियर टूर्नामेंट कमेटी’ के सदस्य के रूप में खेल के विकास में जुटे थे।

पूरे राज्य में शोक, मैच रद्द
मिजोरम क्रिकेट संघ (MCA) ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ ने सम्मान स्वरूप गुरुवार और शुक्रवार को होने वाले सभी निर्धारित क्रिकेट मैचों को रद्द कर दिया है। MCA ने अपने बयान में कहा:
”लालरेमरूआटा केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक समर्पित मार्गदर्शक थे। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। मिजोरम क्रिकेट उनके अनुशासन और योगदान को हमेशा याद रखेगा।”
मिजोरम के खेल मंत्री लालघिंगलोवा हमार ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि खेल के मैदान पर एक ऊर्जावान खिलाड़ी का इस तरह जाना पूरी खेल बिरादरी के लिए एक बड़ा झटका है।
युवाओं के लिए थे प्रेरणा
आइजोल के माउबॉक के रहने वाले लालरेमरूआटा को स्थानीय स्तर पर एक निस्वार्थ सेवक के रूप में जाना जाता था। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मिजोरम जैसे छोटे राज्य से निकलकर रणजी ट्रॉफी तक का सफर तय किया। वे न केवल मैदान पर सक्रिय थे, बल्कि जमीनी स्तर (Grassroots level) पर युवा खिलाड़ियों को तराशने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

इस घटना ने एक बार फिर खेल के मैदान पर खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य परीक्षणों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पूरा भारतीय क्रिकेट समुदाय आज इस जुझारू खिलाड़ी को नम आंखों से विदाई दे रहा है।








