कनाडा का बड़ा फैसला: प्रवासियों के लिए अपने माता-पिता को बुलाना हुआ मुश्किल, 2026 के लिए नए आवेदनों पर लगाई रोक

ओटावा/टोरंटो: कनाडा सरकार ने अपनी इमिग्रेशन नीतियों में एक और सख्त बदलाव करते हुए प्रवासियों को बड़ा झटका दिया है। ट्रूडो सरकार के नए फरमान के अनुसार, अब कनाडा में रह रहे प्रवासी अपने माता-पिता और दादा-दादी को स्पॉन्सरशिप वीजा पर नहीं बुला सकेंगे। इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 के लिए ‘पैरेंट्स एंड ग्रैंडपैरेंट्स प्रोग्राम’ (PGP) के तहत कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुराने आवेदनों के निपटारे पर जोर
कनाडा सरकार का कहना है कि यह फैसला इमिग्रेशन सिस्टम पर बढ़ते बोझ को कम करने और पहले से लंबित (Backlog) पड़े आवेदनों को तेजी से निपटाने के लिए लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, विभाग वर्तमान में केवल उन आवेदनों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो 2025 या उससे पहले जमा किए गए थे। 2026 में नए आवेदकों के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद रहेंगे, जिससे हजारों भारतीय और विशेष रूप से पंजाबी परिवारों का अपने बुजुर्गों को कनाडा बुलाने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है।

अक्टूबर 2025 थी आखिरी समय सीमा
विदेशी प्रवासियों के लिए अपने परिवार को साथ रखने की उम्मीदों को तब झटका लगा जब यह घोषणा की गई कि 9 अक्टूबर, 2025 के बाद से इस श्रेणी में नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। अब 2026 के लिए भी रोक बरकरार रहने से उन लोगों में भारी निराशा है जो नए साल में अपने माता-पिता को स्पॉन्सर करने की योजना बना रहे थे।
भारतीयों और पंजाबियों पर पड़ेगा गहरा असर
कनाडा में भारतीय प्रवासियों, विशेषकर पंजाब से गए लोगों की संख्या काफी अधिक है। पंजाब से गए युवा अक्सर वहां बसने के बाद अपने माता-पिता को स्थायी रूप से कनाडा बुलाने के लिए ‘स्पॉन्सरशिप वीजा’ का सहारा लेते हैं। इस नए प्रतिबंध का सबसे अधिक असर इन्हीं परिवारों पर पड़ रहा है। ‘फैमिली रियूनिफिकेशन’ (परिवार पुनर्मिलन) नीति में इस बदलाव से प्रवासियों के सामाजिक और पारिवारिक ढांचे पर असर पड़ने की संभावना है।
क्या हैं विकल्प?
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि पीआर (Permanent Residency) आधारित स्पॉन्सरशिप पर रोक लगी है, लेकिन लोग ‘सुपर वीजा’ का विकल्प चुन सकते हैं। सुपर वीजा के जरिए माता-पिता को लंबी अवधि के लिए कनाडा बुलाया जा सकता है, लेकिन यह स्थायी निवास (PR) का दर्जा नहीं देता और इसमें स्वास्थ्य बीमा (Insurance) का खर्च भी काफी अधिक होता है।

- नई पाबंदी: 2026 में माता-पिता और दादा-दादी के लिए कोई नई स्पॉन्सरशिप अर्जी स्वीकार नहीं होगी।
- कारण: सरकार पुराने लंबित आवेदनों (Backlog) को खत्म करना चाहती है।
- प्रभाव: पंजाब और भारत के अन्य राज्यों से गए प्रवासियों के परिवार पुनर्मिलन में आएगी रुकावट।
- इमिग्रेशन स्तर में कटौती: कनाडा ने 2025-2027 के लिए अपने कुल इमिग्रेशन लक्ष्यों में भी बड़ी कटौती की है।

कनाडा की इस नई नीति को वहां बढ़ रहे आवास संकट (Housing Crisis) और स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इमिग्रेशन नियम और भी सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं।








