ट्रंप को सताने लगा महाभियोग का डर: बोले- ‘मिडटर्म चुनाव हारे तो डेमोक्रेट्स नहीं छोड़ेंगे’

वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक अनजाने डर के साये में हैं। वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने जैसे कड़े कदम उठाने वाले ट्रंप को अब अपनी ही कुर्सी छिनने की चिंता सता रही है। वॉशिंगटन में ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ के रिपब्लिकन सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी आगामी मिडटर्म चुनाव (Midterm Elections) हारती है, तो उनके खिलाफ महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
’मिडटर्म चुनाव हमारे लिए रेड लाइन’
ट्रंप ने सांसदों को दो-टूक शब्दों में कहा कि यह चुनाव उनके अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने इसे एक ‘रेड लाइन’ करार देते हुए कहा, “आपको हर हाल में मिडटर्म चुनाव जीतना होगा। अगर हम हार गए, तो डेमोक्रेटिक पार्टी के पास बहुमत होगा और वे मुझे हटाने का कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेंगे।”

क्यों डरे हुए हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?
हालांकि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति को पद से हटाना बहुत कठिन प्रक्रिया है, लेकिन ट्रंप की चिंता के पीछे ठोस राजनीतिक कारण हैं:
- बहुमत का गणित: यदि प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलता है, तो उनके पास महाभियोग शुरू करने की शक्ति आ जाएगी।
- कानूनी अड़चनें: विपक्षी बहुमत होने पर ट्रंप के लिए नए कानून बनाना या बड़े नीतिगत फैसले लागू करना लगभग असंभव हो जाएगा।
- जांच का शिकंजा: बहुमत मिलने पर विपक्षी दल राष्ट्रपति के पिछले फैसलों की गहन जांच शुरू कर सकते हैं।

क्या होते हैं मिडटर्म चुनाव? (एक नजर में)
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव सत्ता का लिटमस टेस्ट माने जाते हैं। इनके बारे में मुख्य बातें:
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- समय: ये राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक बीच में (नवंबर में) होते हैं।
- सीटें: प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है।
- स्थानीय सरकार: 34 राज्यों में राज्यपालों के साथ-साथ स्थानीय मेयर और नगर परिषदों का भी चुनाव होता है।
विशेष टिप्पणी: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सांसदों में जोश भरने और उन्हें एकजुट करने की एक रणनीति भी हो सकती है।








