पंजाब में ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ का दूसरा चरण शुरू; केजरीवाल और मान आज करेंगे आगाज़

जालंधर: पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मान सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ (War Against Drugs) मुहिम अब अपने दूसरे और अधिक प्रभावी चरण में प्रवेश कर रही है। आज जालंधर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान इस दूसरे चरण का औपचारिक आगाज़ करेंगे।
सरकार का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से न केवल तस्करों पर नकेल कसना है, बल्कि युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
अब तक की बड़ी उपलब्धियां (एक नज़र में):
पिछले चरण के दौरान पंजाब पुलिस और सरकार की सख्ती के कारण नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार:
- गिरफ्तारियां: नशा तस्करी के आरोप में अब तक 43,000 से अधिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
- FIR दर्ज: ड्रग्स से संबंधित मामलों में कुल 29,978 FIR दर्ज की गई हैं।
- भारी बरामदगी: पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं, जिनमें 1,859 किलोग्राम हेरोइन शामिल है।
- जायदाद कुर्क: नशे की कमाई से बनाई गई तस्करों की 15.32 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति भी जब्त (फ्रीज) की गई है।

दूसरे चरण का मुख्य उद्देश्य: ‘रोकथाम और पुनर्वास’
मुहिम का दूसरा चरण केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगा। इसका मुख्य केंद्र बिंदु निम्नलिखित होगा:
- युवाओं का बचाव: युवाओं को जागरूक करना और उन्हें नशे की गिरफ्त में आने से पहले बचाना।
- गाँव-स्तर पर समितियां: नशा विरोधी कमेटियों को और मजबूत करना ताकि मोहल्ला और गाँव स्तर पर निगरानी रखी जा सके।
- इलाज और सहयोग: जो युवा नशे के आदी हो चुके हैं, उन्हें इलाज और सहानुभूति प्रदान कर वापस सामान्य जीवन में लाना।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि पंजाब की धरती से नशे का नामोनिशान मिटाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस लड़ाई में जनता का सहयोग अनिवार्य है।








