योग व ध्यान की प्रभावी तकनीकों से अध्यापकों को मिला आत्मविकास का मार्गदर्शन

पठानकोट : जेएमके इंटरनेशनल स्कूल में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चार दिवसीय डीएसएन (डायनामिज़्म फॉर सेल्फ एंड नेशन) कोर्स सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कोर्स स्कूल परिसर में वाइस चेयरपर्सन एवं कोर्स संयोजक वंदना सूद की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें स्कूल के सभी अध्यापकों एवं स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को योग एवं ध्यान की प्रभावी तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जानकारी देते हुए वाइस चेयरपर्सन एवं कोर्स संयोजक वंदना सूद ने बताया कि जेएमके इंटरनेशनल स्कूल में इस कोर्स के आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के व्यक्तित्व एवं कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार लाना तथा उनके शिक्षण कौशल को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि डीएसएन कोर्स के माध्यम से शिक्षक न केवल अपने भीतर आत्मविश्वास और संतुलन विकसित करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझकर उन्हें प्रभावी शिक्षा देने में भी सक्षम बनते हैं। साथ ही, शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से आत्मविकास का अवसर भी प्राप्त होता है।

आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक सुनील लालवानी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य अध्यापकों की छिपी हुई बहुमुखी प्रतिभा को निखारना और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने योग एवं ध्यान की उन तकनीकों के लाभों पर प्रकाश डाला, जो आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ चिंता और तनाव के प्रबंधन में सहायक होती हैं।
वहीं, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक दीपक शर्मा ने चार दिवसीय प्रशिक्षण के बाद की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुदर्शन क्रिया जैसी शक्तिशाली श्वसन तकनीक के महत्व को बताते हुए कहा कि यह मन को शांति, स्पष्टता एवं रचनात्मकता प्रदान करती है। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और योग-ध्यान के अभ्यास का भरपूर आनंद लिया।
स्कूल की प्रिंसिपल नीति कोच्चर ने स्कूल प्रबंधन की ओर से गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की प्रेरणा से जिलेभर में स्वास्थ्य एवं खुशी का संदेश फैलाने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जेएमके इंटरनेशनल स्कूल के असिस्टेंट डायरेक्टर चरनजीत सिंह सहित अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
वहीं स्कूल प्रबंधन का मानना है कि जब विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ—चाहे वह शिक्षक हों या अन्य कर्मचारी—तनावमुक्त, संतुलित एवं जिम्मेदार बनता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव निश्चित रूप से विद्यार्थियों पर भी पड़ता है। इससे विद्यालय का वातावरण और अधिक शांत, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक बनता है। इसी उद्देश्य के साथ स्कूल मैनेजमेंट द्वारा सभी अध्यापकों एवं स्टाफ सदस्यों के लिए इस चार दिवसीय डीएसएन कोर्स का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन सभी प्रतिभागी प्रसन्न, उत्साहित एवं ऊर्जावान दिखाई दिए।








