डेढ़ साल में एक दर्जन से ज्यादा फ्री-व्हील इकाइयां बंद, ‘यूज एंड थ्रो’ कल्चर से रिप्लेसमेंट मार्केट खत्म; नई पीढ़ी ने व्यापार से मोड़ा मुंह।

लुधियाना : साइकिलों का गढ़ माने जाने वाले लुधियाना की साइकिल इंडस्ट्री इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पिछले 18 महीनों के भीतर फ्री-व्हील बनाने वाली एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियों पर ताले लटक गए हैं। हालात इतने बदतर हैं कि शहर की करीब 30 बड़ी फ्री-व्हील कंपनियों में से आधी बंद हो चुकी हैं और शेष बंदी की कगार पर हैं।
चीनी माल का प्रहार: लागत से भी कम कीमत पर सप्लाई
यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (UCPMA) के पूर्व चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा और जनरल सैक्रेटरी वरुण कपूर ने बताया कि चीन से आने वाले सस्ते फ्री-व्हील घरेलू बाजार को निगल रहे हैं। चीन जिस कीमत पर तैयार फ्री-व्हील भारत में बेच रहा है, भारतीय कंपनियों के लिए उस कीमत पर माल तैयार करना भी नामुमकिन है। दुकानदार भी चीनी पार्ट्स बेचने में रुचि दिखा रहे हैं क्योंकि इसमें उन्हें मार्जिन ज्यादा मिलता है।

‘यूज एंड थ्रो’ साइकिलों ने बिगाड़ा गणित
रिपोर्ट के मुताबिक, अब बाजार में साइकिलें ‘यूज एंड थ्रो’ की क्वालिटी की आ रही हैं। विशेषकर बच्चों और टीनएजर्स के सेगमेंट में ऐसी साइकिलें बेची जा रही हैं जिनकी रिपेयरिंग या पार्ट्स रिप्लेसमेंट की गुंजाइश ही नहीं बची। इससे पार्ट्स रिप्लेसमेंट मार्केट पूरी तरह धराशायी हो गया है।
दुकानदारों का पलायन: दिल्ली और जबलपुर में बुरा हाल
साइकिल व्यापार में मार्जिन कम होने और रिपेयरिंग का काम बंद होने से रिटेल बाजार भी सिमट रहा है:
- दिल्ली: लाजपत राय मार्केट में 120 दुकानों में से अब मात्र 30 बची हैं।
- जबलपुर: कभी मशहूर रही इस मार्केट की 90 दुकानों में से केवल 25 ही सक्रिय हैं।

GST रिफंड ने बढ़ाई मुसीबत
कारोबारियों के अनुसार, एक तरफ बाजार मंदा है और दूसरी तरफ सरकार के पास फंसा GST रिफंड इंडस्ट्री की कमर तोड़ रहा है। पिछले दो महीनों से कारोबारियों की कमाई का लाखों रुपया सरकारी खजाने में अटका है। जानकारों का कहना है कि यदि सरकार ने तुरंत रिफंड जारी नहीं किया और विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की, तो फ्री-व्हील के बाद अन्य पार्ट्स की कंपनियां भी जल्द बंद हो जाएंगी।








