मंडी में 108/102 कर्मियों का उग्र प्रदर्शन: आक्रोशित कर्मचारी ने खुद पर तेल छिड़क आत्मदाह का किया प्रयास

मंडी | हिमाचल प्रदेश में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों का प्रदर्शन शनिवार को उस समय खौफनाक मोड़ ले लिया, जब जिला मुख्यालय मंडी में रैली के दौरान एक कर्मचारी ने आत्मदाह की कोशिश की। आक्रोशित कर्मचारी ने अपने शरीर पर ज्वलनशील तेल छिड़क लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि पास खड़े अन्य साथियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत पीछे धकेला और अनहोनी होने से बचा लिया।
कंपनी प्रबंधन की निकाली शव यात्रा
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर न केवल धरना दिया, बल्कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों पर प्रबंधन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी जायज मांगों को लगातार अनसुना कर रहा है, जिससे उनमें भारी असंतोष है।

1300 कर्मचारी हड़ताल पर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
यूनियन के जिला प्रधान सुमित कपूर और महासचिव पंकज कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश भर के लगभग 1300 कर्मचारी पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं। उन्होंने बताया कि यह लड़ाई उनके हक और शोषण के खिलाफ है।
”हम लंबे समय से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठा रहे थे, लेकिन प्रबंधन के अड़ियल रवैये ने हमें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। एक साथी का आत्मदाह का प्रयास इस बात का प्रमाण है कि कर्मचारी कितने मानसिक तनाव और हताशा में हैं।” — यूनियन प्रतिनिधि
मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
एम्बुलेंस सेवा ठप होने के कारण जिले के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो आर्थिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से बोझ बन रहा है।

मुख्य बिंदु:
- मंडी में रैली के दौरान कर्मचारी ने खुद पर छिड़का तेल।
- साथियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।
- प्रबंधन के खिलाफ निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा।
- हड़ताल के कारण प्रदेश भर में एम्बुलेंस सेवाएं प्रभावित।








