छोटे साहिबजादों की स्मृति में गुरु संगत द्वारा दूध का लंगर लगाया गया

पठानकोट/ढाकी:गुरुद्वारा सिंह सभा, ढाकी की समूह साध-संगत द्वारा दशमेश पिता के छोटे साहिबजादों की देश और धर्म के लिए दी गई अद्वितीय कुर्बानी को याद करते हुए दूध का लंगर लगाया गया। इस दौरान भारी संख्या में संगत ने श्रद्धा के साथ उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस अवसर पर उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए मुख्य सेवादार एवं सेवानिवृत्त डीएसपी (Retd. DSP) सरदार गुरदयाल सिंह सैनी ने अत्यंत भावुक शब्दों में साहिबजादों की शहादत को याद किया। उन्होंने बाबा मोती राम मेहरा जी के साहस और श्रद्धा का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने मुगल हुकूमत की सख्त पाबंदियों और सजा के डर को दरकिनार कर, ठंडे बुर्ज में कैद छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी को दूध पिलाने की सेवा की थी।

सरदार सैनी ने आगे कहा कि गुरु महाराज ने देश और धर्म पर आए संकटों का सामना हंसते-हंसते अपना पूरा परिवार कुर्बान करके किया। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि हमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई के आपसी भेदभाव भुलाकर मानवता, समाज और देश की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में भाई बलदेव सिंह ने अरदास की और समूह संगत ने गुरु चरणों में हाजिरी भरी।

ये रहे उपस्थित:
इस विशेष मौके पर भाई परमजीत सिंह, सीतल सिंह, मनप्रीत सिंह, अनमोल सिंह, अनहद सिंह, गुरप्रीत सिंह, अश्वनी कुमार, नरेश कुमार, नवल किशोर, सुनील कुमार, भूपिंदर कौर, रेनू सैनी, हरभिंदर कौर और मास्टर राजेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।








