नूरपुर: चिट्टा तस्करी के दोषी को 7 साल का कठोर कारावास, एक लाख जुर्माना

नूरपुर (हिमाचल प्रदेश): विशेष न्यायाधीश एवं सत्र न्यायाधीश जसवंत सिंह (वक्फ ट्रिब्यूनल) की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हेरोइन तस्करी के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी जसविंद्र सिंह उर्फ सेतू, निवासी वार्ड नंबर-5, लंबी गली (नूरपुर) को 7 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
क्या था मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 24 नवंबर, 2019 का है। पुलिस चौकी कंडवाल की टीम लखनपुर क्षेत्र में गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को देखकर जसविंद्र सिंह घबरा गया और अपनी जेब से एक पारदर्शी पॉलीथीन सड़क किनारे फेंककर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। जब फेंकी गई पुड़िया की जांच की गई, तो उसमें से 5.95 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।

कानूनी कार्रवाई और साक्ष्य
वैज्ञानिक जांच: बरामद पदार्थ की जांच ड्रग डिटेक्शन किट से की गई और बाद में राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) भेजा गया, जहाँ इसके ‘डायएसिटाइल मॉर्फीन’ (हेरोइन) होने की पुष्टि हुई।
नियमों का पालन: पुलिस ने मामले में धारा 50, 55 और 57 एनडीपीएस एक्ट की तमाम औपचारिकताओं का विधिवत पालन किया।
गवाही: जिला न्यायवादी (District Attorney) संजीव राणा ने सरकार की ओर से पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना दोष सिद्ध करने के लिए कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।

अदालत का संदेश: नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए अदालत ने यह सख्त सजा सुनाई है, ताकि समाज में नशे के सौदागरों को कड़ा संदेश मिल सके।








