राज कपूर के गैरेज से ‘मिस्टर इंडिया’ बनने तक, अनिल कपूर की अनसुनी दास्तान

मुंबई | बॉलीवुड के ‘एवरयंग’ अभिनेता अनिल कपूर आज अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। 24 दिसंबर 1956 को जन्मे अनिल को देखकर आज भी उनकी उम्र का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। अभिनय की ऊर्जा हो या फिटनेस, वे आज के दौर के युवाओं को कड़ी टक्कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज करोड़ों के बंगले में रहने वाले इस अभिनेता का बचपन राज कपूर के गैरेज में बीता था? जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए उनके जीवन के दिलचस्प किस्से।
संघर्ष के दिन: गैरेज में गुजारी रातें
अनिल कपूर का फिल्मी सफर किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। जब उनके पिता सुरिंदर कपूर परिवार के साथ मुंबई आए, तो आर्थिक तंगी के कारण उनके पास रहने को घर नहीं था। अनिल कपूर का परिवार शुरुआती दिनों में शोमैन राज कपूर के गैरेज में रहा। बाद में उन्होंने एक मध्यमवर्गीय इलाके में कमरा किराए पर लिया। अनिल ने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि उन तंग गलियों और संघर्ष ने ही उन्हें जमीन से जुड़े रहना सिखाया।

पागलपन: रोल मिला तो तीन दिन तक नहीं नहाए
अभिनय का जुनून अनिल पर बचपन से ही सवार था। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘तू पायल मैं गीत’ में शशि कपूर के बचपन का रोल निभाया। अनिल इतने उत्साहित थे कि शूटिंग के बाद तीन दिनों तक नहीं नहाए, ताकि उनके चेहरे का मेकअप न उतर जाए। वे उसी मेकअप में स्कूल भी चले गए ताकि दोस्तों को दिखा सकें कि वे एक्टर बन गए हैं। हालांकि, यह फिल्म कभी रिलीज नहीं हो पाई।
स्पॉटबॉय से सुपरस्टार तक का सफर
घर की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए अनिल ने सेट पर स्पॉटबॉय के रूप में भी काम किया। वे कलाकारों को समय पर उठाने और उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने जैसे काम करते थे। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘हम पांच’ में कास्टिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। 1979 में फिल्म ‘हमारे तुम्हारे’ में एक कैमियो से बॉलीवुड में कदम रखने वाले अनिल को असली पहचान 1983 की फिल्म ‘वो सात दिन’ से मिली।

अमिताभ बच्चन की ‘ना’ बनी अनिल की किस्मत
अनिल कपूर को ‘मिस्टर इंडिया’ बनाने का श्रेय अनजाने में अमिताभ बच्चन को जाता है। असल में, यह फिल्म पहले बिग बी को ऑफर हुई थी। लेकिन अमिताभ को लगा कि ऐसी फिल्म करने का क्या फायदा जिसमें अभिनेता ज्यादातर समय स्क्रीन से गायब (अदृश्य) रहे। उनके मना करने के बाद यह रोल अनिल कपूर को मिला और फिल्म इतिहास रच गई।

विवाद और अनबन: जब नाना पाटेकर से 19 साल तक नहीं की बात
अनिल कपूर का स्वभाव मिलनसार है, लेकिन फिल्म ‘परिंदा’ (1989) के दौरान नाना पाटेकर के साथ उनकी तकरार काफी मशहूर हुई। कहा जाता है कि अनिल चाहते थे कि जैकी श्रॉफ उनके भाई का रोल करें, जिसकी वजह से नाना पाटेकर को विलेन का रोल मिला। नाना इससे नाराज हो गए और दोनों के बीच 19 साल तक बातचीत बंद रही। 2007 में फिल्म ‘वेलकम’ के सेट पर यह मन-मुटाव खत्म हुआ।
निजी जिंदगी: स्ट्रगल के दिनों में पत्नी ने उठाया खर्चा
अनिल कपूर की लव स्टोरी भी बेहद फिल्मी है। जब वे स्ट्रगल कर रहे थे, तब उनकी मुलाकात मॉडल सुनीता से हुई। उन दिनों अनिल के पास टैक्सी के पैसे भी नहीं होते थे, तब सुनीता ही उनके खर्चे उठाती थीं। 19 मई 1984 को दोनों ने शादी की। आज उनके तीन बच्चे— सोनम, रिया और हर्षवर्धन कपूर इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।








