एक्सप्रेस-वे पर फिर टला बड़ा हादसा: आग का गोला बनी अजमेर से नेपाल जा रही वॉल्वो बस

उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेस-वे अब यात्रियों के लिए डरावने साबित हो रहे हैं। मंगलवार शाम आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक और भीषण हादसा होते-होते बचा। अजमेर शरीफ से नेपाल जा रही एक वॉल्वो बस फिरोजाबाद के पोल नंबर 76 के पास अचानक आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि यात्रियों ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और बस से कूदकर अपनी जान बचाई।

चीख-पुकार के बीच मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे बस पूरी रफ्तार से लखनऊ की ओर जा रही थी। अचानक इंजन से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते लपटों ने पूरी बस को घेर लिया। बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। चालक ने बस रोकी और यात्रियों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से छलांग लगा दी। कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर राख हो गई।
फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों ने पाया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही फिरोजाबाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया, लेकिन तब तक बस का ढांचा मात्र बचा था। अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडे ने बताया, “प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है। राहत की बात यह है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।”

सवालों के घेरे में यात्री सुरक्षा: हालिया हादसों से दहशत
एक्सप्रेस-वे पर बसों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इस हादसे ने एक बार फिर मथुरा के उस भयावह मंजर की याद दिला दी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
- मथुरा हादसा: कुछ दिन पहले यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में 19 यात्रियों की मौत हो गई थी।
- शिनाख्त की चुनौती: मथुरा हादसे में 15 शव इस कदर जल गए थे कि पहचान के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लेना पड़ा। अब तक 9 की पहचान हुई है, जबकि 6 शवों की शिनाख्त अब भी शेष है।
बड़ा सवाल: क्या एक्सप्रेस-वे पर दौड़ने वाली निजी बसों की फिटनेस जांच केवल कागजों तक सीमित है? बार-बार होते शॉर्ट सर्किट और आग की घटनाएं परिवहन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।








