मौत को मात देकर चल रही हैं नवरूप की सांसें, अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष जारी

तरनतारन के गांव बनवालीपुर में पिछले शनिवार को हुई खौफनाक वारदात में एक नया मोड़ आया है। जिस 23 वर्षीय नवरूप कौर को उसके परिवार और ग्रामीणों ने मृत समझ लिया था, वह असल में मौत से जंग लड़ रही है। वर्तमान में अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में उसका इलाज जारी है, हालांकि उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

क्या है पूरा मामला?
बीते शनिवार को बनवालीपुर निवासी मंगल सिंह की बेटी नवरूप कौर शहर के एक सैलून से घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के ही एक युवक अर्जन सिंह ने अपने साथी के साथ मिलकर नवरूप के सिर में गोली मार दी। लहूलुहान हालत में नवरूप को तुरंत तरनतारन के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
जब ‘मृत’ समझकर रोने लगा परिवार
घटना के बाद निजी अस्पताल में डॉक्टरों की प्रारंभिक प्रतिक्रिया और नवरूप की हालत देख पिता मंगल सिंह ने उसे मृत समझ लिया था। उन्होंने मीडिया को भी बेटी की मौत की सूचना दे दी थी। घरवाले और रिश्तेदार उसे अस्पताल से बाहर लाकर विलाप करने लगे थे। लेकिन जब एक आखिरी उम्मीद के साथ उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, तो वहां डॉक्टरों ने पाया कि नवरूप की सांसें अभी भी चल रही हैं।
इलाज के लिए मदद की गुहार
नवरूप के पिता मंगल सिंह और माता कवलजीत कौर ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। बेटी वेंटिलेटर और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। बेबस माता-पिता ने सामाजिक संस्थाओं और दानी सज्जनों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि उनकी बेटी को नई जिंदगी मिल सके।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी परिवार समेत फरार

थाना सदर तरनतारन के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरचरण सिंह ने बताया:
आरोपी अर्जन सिंह और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ हत्या के प्रयास (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
वारदात के बाद से ही आरोपी अपने परिवार के साथ गांव से फरार है।
एसएसपी के आदेश पर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
”बेटी की सांसें चल रही हैं, यही हमारे लिए भगवान का चमत्कार है। बस अब किसी तरह उसके इलाज का प्रबंध हो जाए।”
— मंगल सिंह, नवरूप के पिता








