दमकल विभाग की मुस्तैदी से बची अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग, मची अफरा-तफरी

कुल्लू । मंगलवार की सुबह जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल परिसर की कैंटीन से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। सुबह करीब 6:05 बजे लगी इस आग ने कैंटीन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे अस्पताल के वार्डों में भर्ती सैकड़ों मरीजों की जान बाल-बाल बच गई।
गैस रिसाव बना हादसे का कारण
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह कैंटीन में नाश्ता बनाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान एलपीजी सिलेंडर में अचानक रिसाव (Gas Leakage) शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और पूरी रसोई धू-धू कर जलने लगी। आग की भीषण लपटें देख अस्पताल में मौजूद तीमारदारों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।

करीब ₹50,000 के नुकसान का अनुमान
इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कैंटीन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन के अनुसार:
रसोई के बड़े चूल्हे और खाना बनाने के बर्तन जलकर नष्ट हो गए।
कैंटीन में रखा भारी मात्रा में राशन और अन्य सामान खाक हो गया।
कुल नुकसान करीब 50 हजार रुपये के आसपास बताया जा रहा है।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र की टीम बिजली की तेजी से मौके पर पहुंची। फायर फाइटर्स ने पेशेवर कार्यकुशलता दिखाते हुए आग को अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। यदि थोड़ी भी देरी होती, तो आग वार्डों तक फैल सकती थी, जहां भारी संख्या में मरीज उपचाराधीन थे।

प्रशासन सख्त: सेफ्टी प्रोटोकॉल की होगी समीक्षा
हादसे के बाद पुलिस बल ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा करने और सुरक्षा मानकों को कड़ा करने के निर्देश दिए हैं।








