अस्पताल की बड़ी लापरवाही: शव की हुई अदला-बदली, परिजनों ने लगाया अंगों की चोरी का आरोप

लुधियाना: स्थानीय सराभा नगर स्थित निजी अस्पताल में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक परिवार को किसी दूसरे का शव सौंप दिया गया। जब परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले चेहरा देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
क्या है पूरा मामला?
मोगा निवासी जसवीर कौर (72 वर्ष) को लीवर की बीमारी के चलते 10 दिसंबर को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके दो बेटे बलबीर और जर्नल सिंह कनाडा में रहते थे, जिनके आने तक परिवार ने शव को अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया था।

कैसे हुआ खुलासा?
सोमवार को जब दोनों बेटे विदेश से लौटे और परिवार शव लेने अस्पताल पहुंचा, तो अस्पताल कर्मियों ने उन्हें एक शव सौंप दिया। परिजनों ने जब शव के चेहरे से चादर हटाई, तो वह जसवीर कौर के बजाय किसी दूसरी महिला ‘मंजू’ का था।
परिजनों का गंभीर आरोप: “अंग निकाल कर बेच दिए”
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा मच गया। मृतका के पति जसवंत सिंह और परिजनों ने अस्पताल के अंदर ही धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें शक है कि अस्पताल ने उनकी महिला रिश्तेदार के शरीर से अंग निकाल कर बेच दिए हैं और अपनी गलती छुपाने के लिए उन्हें दूसरा शव थमा दिया।
”अस्पताल ने हमें जानबूझकर दूसरे का शव दिया ताकि हम असलियत न जान सकें। हमें हमारी बॉडी वापस दी जाए, हमें अंतिम क्रियाओं से भी महरूम कर दिया गया है।” — जसवंत सिंह (मृतका के पति)
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही सराभा नगर पुलिस मौके पर पहुंची। SHO आदित्य शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
जांच जारी: पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

अस्पताल का पक्ष: डॉक्टर सुनील के अनुसार, मैनेजमेंट इस बात की जांच कर रहा है कि यह चूक किस स्तर पर हुई है।
परिजनों को अंदेशा है कि अस्पताल ने उनकी मृतका का शव गलती से किसी और परिवार को दे दिया है, जिन्होंने अनजाने में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया होगा। फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है।








