सीरिया में ISIS के 70 ठिकानों पर भीषण बमबारी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने आतंकवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। करीब एक सप्ताह पहले हुए उस घातक हमले का बदला लेने के लिए, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक दुभाषिया शहीद हो गए थे, अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ठिकानों को निशाना बनाकर ‘बड़े पैमाने पर’ हवाई हमले शुरू किए।
70 ठिकानों पर ‘विनाशकारी’ प्रहार
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह हमला मध्य सीरिया के उन इलाकों में किया गया जहां आईएस का बुनियादी ढांचा और हथियारों के भंडार मौजूद थे। कुल 70 ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिका के सबसे घातक युद्धक विमानों का बेड़ा शामिल था:
F-15 ईगल और A-10 थंडरबोल्ट विमान।
AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर।
HIMARS रॉकेट तोपखाना और जॉर्डन के F-16 लड़ाकू विमान।

”यह युद्ध नहीं, बदले की घोषणा है”
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कड़ा संदेश देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “यह युद्ध की शुरुआत नहीं है बल्कि यह बदले की घोषणा है। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अपने लोगों की रक्षा के लिए कभी हिचकिचाएगा नहीं।” अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी हमले किए जा सकते हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा रुख
पिछले सप्ताह सीरियाई रेगिस्तान में आईएस द्वारा किए गए घात लगाकर हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘कड़ी जवाबी कार्रवाई’ का संकल्प लिया था। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये हमले आईएस के गढ़ों को मिटाने के लिए हैं।
”जो भी आतंकवादी अमेरिका पर हमला करने या धमकी देने की हिम्मत करेंगे, उन्हें पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा।” > — डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

सीरियाई सरकार का समर्थन
इस सैन्य कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के प्रति अपना समर्थन दोहराया। ट्रंप के अनुसार, सीरियाई राष्ट्रपति इस अभियान का ‘पूरी तरह समर्थन’ कर रहे हैं, जो क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक नए गठबंधन का संकेत देता है।








