4.5 किलो हेरोइन और .30 बोर पिस्तौल बरामद; विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपी

अमृतसर/चंडीगढ़: पंजाब को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सीमा पार से संचालित हो रहे एक नशा तस्करी कार्टेल (गिरोह) का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 4.5 किलोग्राम हेरोइन और एक .30 बोर की पिस्तौल बरामद की गई है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को इस ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
गुरविंदर सिंह उर्फ गोपी (23): निवासी गांव शाहवाला, फिरोजपुर।
तिलक उर्फ शिबू (18): निवासी जालंधर, वर्तमान में मुस्तफाबाद, अमृतसर।
दलजीत सिंह उर्फ लाला (20): निवासी नौशहरा ढल्ला, वर्तमान में मुस्तफाबाद, अमृतसर।

सोशल मीडिया के जरिए विदेशी आकाओं से संपर्क
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। उसी के निर्देशों पर वे हेरोइन और अवैध हथियारों की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे थे। पुलिस अब इस मामले के अगले-पिछले संपर्कों (Forward and Backward Linkages) को खंगालने में जुटी है।
ड्रोन के जरिए मंगाया जा रहा था नशा
पुलिस कमिश्नर (C.P.) अमृतसर, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने ऑपरेशन के विवरण साझा करते हुए कहा:
”सबसे पहले गुरविंदर सिंह गोपी को 1.5 किलो हेरोइन और पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसकी पूछताछ के आधार पर तिलक और दलजीत सिंह को नामजद किया गया, जिनसे 3 किलो और हेरोइन बरामद हुई।”
जांच में खुलासा हुआ कि गुरविंदर सिंह, फिरोजपुर के सीमावर्ती क्षेत्र का निवासी होने के कारण ड्रोन ड्रॉप के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप प्राप्त करने में सक्रिय था। वह सीधे विदेशी तस्कर के संपर्क में था और खेप मिलने के बाद उसे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करता था।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशा तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके।








