स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित किया प्रशिक्षण शिविर

सोलन | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार को सोलन में इस अभियान के तहत एक विशेष सेंसिटाईजेशन (संवेदीकरण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) सोलन डॉ. अजय पाठक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बताया कि आगामी 21 दिसंबर, 2025 को जिले भर में पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक की आयु के लगभग 88 हजार बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान की मुख्य बातें:
बूथों की स्थापना: जिले में कुल 450 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।
डोर-टू-डोर अभियान: जो बच्चे 21 दिसंबर को बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए 22 और 23 दिसंबर को स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी।
जागरूकता रथ: सीएमओ ने प्रचार-प्रसार टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेगी।
पर्यावरण अभी भी पूरी तरह मुक्त नहीं: डॉ. पाठक
डॉ. अजय पाठक ने कहा कि यद्यपि भारत को वर्ष 2014 में ‘पोलियो मुक्त’ घोषित कर दिया गया था, लेकिन हमारे पर्यावरण में अभी भी पोलियो वायरस का खतरा बना हुआ है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं ताकि देश और प्रदेश को शत-प्रतिशत सुरक्षित रखा जा सके।
कोल्ड चेन और सुरक्षा पर जोर
जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शालिनी पूरी ने प्रशिक्षण के दौरान पोलियो वैक्सीन की कोल्ड चेन (शीत भण्डारण श्रृंखला) को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैक्सीन की गुणवत्ता को लाभार्थी बच्चे तक पहुंचने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। उन्होंने टीम सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी, रिपोर्टिंग और प्रबंधन के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सोलन जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और साईं संजीवनी अस्पताल के प्रशिक्षु छात्रों ने भाग लिया।








