हिमाचल में स्वास्थ्य क्रांति: अब प्रदेश में ही मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा, रोबोटिक सर्जरी से सुधरेगा उपचार का स्तर

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का मुख्य लक्ष्य हिमाचल के प्रत्येक नागरिक को उनके अपने ही राज्य में आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किसी को भी बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े।
पिछली व्यवस्था पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने पिछली स्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन साल पहले प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था ‘वेंटिलेटर’ पर थी। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को मजबूरन इलाज के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर भागना पड़ता था। उन्होंने कहा, “सरकार में आते ही हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं, जिसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है।”

आधुनिक तकनीक और रोबोटिक सर्जरी
स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू की जा रही हैं।
प्रमुख सुधार:
मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत।
सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
मरीजों के लिए जांच और टेस्ट की सुविधाओं में विस्तार।
”हिमाचल का पैसा और मरीज़, दोनों प्रदेश में रहेंगे”
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का प्रयास है कि हिमाचल के मरीजों को घर के पास ही बेहतरीन इलाज मिले। इससे न केवल मरीजों का समय बचेगा, बल्कि बाहरी राज्यों में होने वाले भारी-भरकम खर्च से भी उन्हें मुक्ति मिलेगी।

”हमारा संकल्प है कि हिमाचल का हर मरीज़ गर्व से कह सके कि उसे अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय सेवाएं मिल रही हैं। हम व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से स्वास्थ्य ढांचे को इतना मजबूत बना रहे हैं कि रेफरल कल्चर (Referral Culture) को खत्म किया जा सके।” > — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री








