नड्डा जी, हम वही मांग रहे हैं जो हमारा हक है’: सीएम सुक्खू ने केंद्र से माँगे हिमाचल के 12,400 करोड़ रुपए

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए केंद्र सरकार से प्रदेश के लंबित फंड्स जारी करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक कड़े संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के हक का पैसा जल्द से जल्द देना चाहिए।
मोदी जी की 1500 करोड़ की घोषणा याद दिलाई
मुख्यमंत्री ने जे.पी. नड्डा के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हिमाचल ने जितना माँगा, केंद्र ने उससे अधिक दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सुक्खू ने कहा, “नड्डा जी ने यहाँ आकर जो आंकड़े बताए, उन्हें सुनकर अच्छा लगा। लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये की जो घोषणा की थी, वह अभी तक लंबित है। नड्डा जी वह पैसा दिलवाने में हमारी मदद करें।”

NPS और बोरोइंग लिमिट पर घेरा
मुख्यमंत्री ने केवल घोषणाओं तक ही सीमित न रहते हुए ठोस आंकड़ों के साथ केंद्र को घेरा। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखीं:
9300 करोड़ का NPS अंशदान: मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का 9300 करोड़ रुपया केंद्र के पास जमा है, जिसे लौटाया जाना चाहिए।
1600 करोड़ की अतिरिक्त उधारी (Additional Borrowing): उन्होंने आरोप लगाया कि जब से हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की है, तब से केंद्र सरकार ने राज्य की 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी सीमा को बंद कर दिया है।

’नड्डा जी, यही हमारी माँग है’
सीएम सुक्खू ने सीधे जे.पी. नड्डा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य कोई खैरात नहीं बल्कि अपना जायज हिस्सा मांग रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र वास्तव में हिमाचल की मदद करना चाहता है, तो इन रोके गए फंड्स को तुरंत बहाल करे ताकि प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।








