भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब बिना OTP नहीं मिलेगी तत्काल टिकट, वेटिंग चार्ट के नियमों में भी बदलाव

भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब बिना ओटीपी (OTP) के तत्काल टिकट बुक नहीं किए जा सकेंगे। साथ ही, रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के समय में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सुरक्षित हुई तत्काल टिकट बुकिंग
रेलवे ने फर्जी खातों और टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। अब IRCTC के माध्यम से तत्काल टिकट बुक करते समय यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, रेलवे ने उन खातों को ब्लॉक करने का निर्णय लिया है जिनकी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया अधूरी है। यह कदम विशेष रूप से उन दलालों और फर्जी आईडी का पता लगाने के लिए उठाया गया है जो अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए टिकटों की बुकिंग करते थे।
वेटिंग टिकट वालों को अब नहीं होगा इंतज़ार
वेटिंग लिस्ट में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या चार्ट बनने का इंतज़ार करना होता था। पहले यात्री को ट्रेन खुलने से महज 4 घंटे पहले पता चलता था कि उनकी सीट कन्फर्म हुई है या नहीं। अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने या विकल्प तलाशने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

चार्ट तैयार होने का नया समय चक्र
रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन समय के आधार पर चार्ट तैयार करने के दो अलग-अलग नियम तय किए हैं। सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच चलने वाली ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट अब एक दिन पहले ही शाम 8 बजे तक फाइनल कर दिया जाएगा। वहीं, दोपहर 2 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 5 बजे तक प्रस्थान करने वाली ट्रेनों का चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार होगा।

इन बदलावों से न केवल आम यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी, बल्कि दलालों के नेटवर्क को तोड़ने में भी मदद मिलेगी। रेलवे का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और चार्ट के समय में बदलाव से यात्रा अनुभव और बेहतर होगा।








