पंजाब के 3 शहर ‘पवित्र शहर’ घोषित: अब शराब, मांस और तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध!

चंडीगढ़: पंजाब के तीन प्रमुख शहरों – अमृतसर की वाल्ड सिटी, श्री आनंदपुर साहिब, और तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) को अब ‘पवित्र शहर’ (Holy City) का दर्जा मिल गया है। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद पंजाब सरकार ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला संगत (सिख समुदाय) की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है।
🚫 क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
पवित्र शहर घोषित होने के बाद अब इन तीनों क्षेत्रों में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा:
शराब, मांस, तंबाकू और अन्य सभी नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले आयोजन, पोस्टर, या गतिविधियाँ।
कचरा फैलाना, अव्यवस्थित पार्किंग, और भीड़ बढ़ाने वाले अनुचित व्यवहार।

✨ अब क्या बदलेगा?
सरकार का दावा है कि इन शहरों में अब सफाई, सुरक्षा, शिक्षा, विकास, और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जाएंगी।
व्यवस्था सुधार: सफाई व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, और ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर बनाया जाएगा।
सौंदर्यीकरण: ऐतिहासिक गलियों और धार्मिक मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
सुरक्षा: शासन अब इन शहरों को सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
✅ किसे मिलेगी छूट? (सामान्य जनजीवन पर कोई असर नहीं)
आम जनता की दैनिक ज़रूरतों से जुड़ी सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
छूट: फल-सब्जी, दूध, अनाज और ज़रूरी सामान की दुकानों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी।
आवागमन: धार्मिक कार्यक्रमों, संगत के आने-जाने और स्थानीय निवासियों की सामान्य दिनचर्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

🏛️ विशेष सत्र में पास हुआ था प्रस्ताव
बता दें कि यह प्रस्ताव 24 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित एक विशेष विधानसभा सत्र में पास किया गया था। यह पंजाब के इतिहास में पहला मौका था जब चंडीगढ़ से बाहर कोई सत्र आयोजित किया गया।
💡 अन्य घोषणाएँ
सीएम भगवंत मान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इन तीनों पवित्र शहरों में फ्री मिनी बस, ऑटो और रिक्शा चलाए जाएंगे। इसके अलावा, श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी।








