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रोज़ गार्डन सुसाइड केस

रोज़ गार्डन सुसाइड के: 30 साल की दीक्षा ने डिप्रेशन में काटा गला, पुलिस ने तैयार की क्लोजर रिपोर्ट

चंडीगढ़ के मशहूर रोज़ गार्डन के लेडीज बाथरूम में 29 नवंबर को मिली 30 वर्षीय दीक्षा ठाकुर की खून से सनी लाश के मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर ली है। शुरुआती जाँच में इसे हत्या माना जा रहा था, क्योंकि दीक्षा का गला रेता गया था, और पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया था।

​पुलिस का दावा: यह हत्या नहीं, सुसाइड था

​पुलिस अब यह रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी, जिसमें दावा किया गया है कि दीक्षा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या (सुसाइड) थी। एसएसपी कंवरदीप कौर ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दीक्षा ने खुद ही अगले गले पर चाकू से वार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हुई।

​डिप्रेशन और निजी जीवन के संघर्ष

​जांच में सामने आया है कि सहारनपुर की रहने वाली दीक्षा की शादी आईटी इंजीनियर ऋत्विक से हुई थी। उनका एक करीब 4 साल का बेटा है। पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद के चलते दीक्षा लगभग 6 महीने पहले चंडीगढ़ आ गई थीं और फेज-11 मोहाली में पीजी में रह रही थीं।

​मानसिक बीमारी: दीक्षा मानसिक रूप से बीमार (डिप्रेशन) थीं। उनकी लाश के पास से एक छोटा चाकू, दीक्षा का फॉर्म और कुछ दवाइयां मिली थीं, जो मानसिक रूप से बीमार मरीजों को दी जाती हैं।

​दवाएं और इलाज: उनके पर्स से डिप्रेशन की दवाएं भी मिलीं। जांच में पता चला कि वह पिछले कुछ महीनों से पंचकूला के एक अस्पताल में इलाज करवा रही थीं।

​मनोचिकित्सक का मत: मनोचिकित्सकों का कहना है कि डिप्रेशन के मरीजों में ऐसे विचार बार-बार आते हैं, और वे सुकून वाली जगह का चयन करते हैं। इसलिए दीक्षा ने पार्क में जाकर टॉयलेट में सुसाइड कर लिया।

​CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्य बने आधार

​पुलिस ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट तैयार करने के लिए CCTV फुटेज और अन्य सबूतों को आधार बनाया है:

​CCTV फुटेज: दीक्षा ऑटो से रोज़ गार्डन के एंट्री गेट पर अकेली उतरती दिखी थीं। वह इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अपने ऑफिस से निकली थीं, तब भी अकेली थीं। टॉयलेट के पास पुलिसकर्मी और केयर टेकर थे, लेकिन किसी ने किसी को भागते हुए नहीं देखा।

​चाकू: शव के पास आधा फोल्ड किया हुआ, खून लगा छोटा नुकीला चाकू मिला था, जिसका इस्तेमाल सुसाइड के लिए किया गया।

​दिवाली का नोट: पर्स में दिवाली के समय लिखा गया एक नोट भी मिला, जो मां लक्ष्मी के बारे में था।

​पति-ससुर के बयान

​दीक्षा के ससुर, जो स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक रह चुके हैं, ने बताया कि दीक्षा पति से अलग होने के बाद विधि (लॉ) की स्टडी कर रही थीं। उन्होंने बताया कि 29 नवंबर को दीक्षा को सहारनपुर स्थित ससुराल जाना था, और वह बेटे ऋत्विक और दीक्षा के बीच चल रहे विवाद को लेकर दोनों की बातचीत करवाने वाले थे, ताकि दोनों साथ रहें। दीक्षा ऑफिस से तबियत खराब बताकर निकली थीं। उनके ससुर ने यह भी बताया कि वे दंपत्ति का पैचअप कराने वाले थे।

​अब मजिस्ट्रेट करेंगे फैसला

​पुलिस द्वारा जमा किए गए सारे सबूत, फुटेज, और घरवालों के बयान अब मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाएंगे। मजिस्ट्रेट पूरी फाइल पढ़कर यह निर्णय लेंगे कि मामले में आगे जांच (इन्वेस्टिगेशन) की जरूरत है या नहीं या फिर मामले को यहीं खत्म करना है। पहले ऐसे मामलों में सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई होती थी, और अब बीएनएस 193 के तहत होती है।

Ami News
Author: Ami News

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