चंडीगढ़ में सनसनी: स्कूल जा रही छात्रा से बाइक टैक्सी राइडर ने की छेड़छाड़; प्रशासन पर उठे सवाल

चंडीगढ़ के सेक्टर-40 बी में शुक्रवार को स्कूल जा रही एक छात्रा के साथ बाइक टैक्सी राइडर द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। छात्रा ने बहादुरी दिखाते हुए पीछे बैठकर ही अपने परिजनों को फोन पर सूचना दी, जिसके बाद आरोपी राइडर अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया। इस घटना ने शहर में बाइक टैक्सी के संचालन और उनकी सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🛵 रास्ते में छेड़छाड़, धमकी और फिर फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल जाने के लिए छात्रा ने एक बाइक टैक्सी बुक की थी। रास्ते में कुछ दूर जाने के बाद, आरोपी बाइक राइडर ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया। छात्रा के विरोध करने पर उसने उसे धमकाना भी शुरू कर दिया।

गंभीर हरकतें: आरोपी राइडर बार-बार अपना हाथ छात्रा के पैर और जांघ पर रखकर छू रहा था। वीडियो फुटेज (जो बाद में वायरल हुई) में यह साफ दिखाई दे रहा है कि वह काफी देर तक एक हाथ से बाइक चला रहा था, जबकि दूसरा हाथ छात्रा के पैर पर था। छात्रा के मना करने के बावजूद उसने बाइक की गति कम नहीं की।
छात्रा की सूझबूझ: छात्रा ने समझदारी दिखाते हुए पीछे बैठे-बैठे ही अपने परिजनों को फोन करके छेड़छाड़ की जानकारी दी।
हादसा और पलायन: जब आरोपी को पता चला कि छात्रा ने अपने घर पर सूचना दे दी है, तो उसने गुस्से में छात्रा को बाइक से नीचे गिरा दिया, जिससे छात्रा के दोनों पैरों में चोटें आईं। इस दौरान बाइक भी अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई, और आरोपी राइडर बाइक वहीं छोड़कर फरार हो गया।

🚨 वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया मुद्दा
जीरकपुर के प्रिंस नाम के एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसमें उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रही बाइक टैक्सी का नंबर ‘नॉन-कमर्शियल’ है और वह अवैध रूप से चल रही है।
प्रिंस ने चंडीगढ़ प्रशासन से सीधे सवाल किए हैं:
”आज यह घटना एक छोटे रूप में सामने आई है। अगर कल को यह घटना बड़े रूप में होगी, फिर उसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी? चंडीगढ़ प्रशासन से निवेदन है कि दूसरे स्टेट और व्हाइट प्लेट वाली जो बाइक टैक्सी चल रही हैं, उन पर लगाम कसें। वरना आज यह चीज़ जो हुई है वह किसी दूसरे की मां, बहन, बेटियों के साथ हुई है, कल को यह हमारे साथ भी हो सकती है।”
⚖️ प्रशासन पर अवैध संचालन को बढ़ावा देने का आरोप
यह मुद्दा पहले भी उठ चुका है कि चंडीगढ़ में कई ‘नॉन-कमर्शियल’ (प्राइवेट नंबर प्लेट) बाइकें अवैध रूप से टैक्सी के तौर पर चल रही हैं, जबकि ऐसे काम के लिए कमर्शियल लाइसेंस और पीले रंग की नंबर प्लेट अनिवार्य है। अगर ये बाइकें अवैध हैं, तो प्रशासन इन्हें क्यों चलने दे रहा है? क्या इन्हें कोई कंपनी फंडिंग कर रही है? यदि नहीं, तो प्रशासन इस अवैध धंधे पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?
इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और अवैध परिवहन सेवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन आम जनता प्रशासन से तत्काल और कठोर कदम उठाने की मांग कर रही है ताकि शहर की महिलाएं और छात्राएं सुरक्षित महसूस कर सकें।








