इंडिगो संकट: DGCA ने कड़े किए नियम, यात्रियों को मिलेगा ₹10,000 का मुआवजा

नई दिल्ली: एयरलाइन कंपनी इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशंस में आई भारी तकनीकी दिक्कतों और क्रू मेंबर्स की कमी के चलते हुए बड़े संकट के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़े कदम उठाए हैं। पिछले 8 दिनों में 5000 से ज़्यादा फ्लाइटें कैंसिल होने से यात्रियों को हुई भारी परेशानी को देखते हुए DGCA ने सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए नया ढांचा तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

DGCA के नए और सख्त प्रावधान:
15 मिनट की देरी की जांच: 12 पेज के नए आदेश के अनुसार, अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे ज़्यादा की देरी होती है तो उसकी जांच अनिवार्य होगी। कंपनी को DGCA को बताना होगा कि देरी क्यों हुई, उसे कैसे ठीक किया गया और दोबारा न हो इसके लिए क्या उपाय किए गए।
’रिपीटेटिव डिफेक्ट’ पर विशेष जांच: कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की सूचना तुरंत DGCA को फोन पर देनी होगी। यदि कोई डिफेक्ट तीन बार दोहराया जाता है, तो उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जांच शुरू होगी। DGCA ने यह सख्ती इसलिए की है क्योंकि अब तक डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी।
यात्रियों को मिलेगा मुआवजा और ऑन-साइट इंस्पेक्शन:
₹10,000 का ट्रैवल वाउचर: इंडिगो ने घोषणा की है कि 3-5 दिसंबर के बीच फ्लाइट कैंसिल से ‘ज़्यादा परेशान’ हुए पैसेंजर्स को रिफंड के अलावा ₹10,000 का ट्रैवल वाउचर भी दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीने तक किसी भी इंडिगो फ्लाइट की बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह मुआवजा यात्रियों को मिलने वाले 5,000 से 10,000 रुपये के अलावा होगा, जो फ्लाइट उड़ने के 24 घंटे के अंदर कैंसिल होने पर मिलता है।

11 एयरपोर्ट पर ऑन-साइट इंस्पेक्शन: DGCA के सीनियर अधिकारी 2-3 दिन में 11 घरेलू एयरपोर्टों पर ऑन-साइट इंस्पेक्शन करेंगे। इन एयरपोर्ट में नागपुर, जयपुर, भोपाल, सूरत, तिरुपति, विजयवाड़ा, शिरडी, कोचीन, लखनऊ, अमृतसर और देहरादून शामिल हैं।
सरकार बोली- DGCA की भी होगी जांच
इंडिगो के संकट को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिगो की गड़बड़ी पर सिर्फ एयरलाइन ही नहीं, बल्कि DGCA के कामकाज की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि इंडिगो का यह बड़ा फेलियर सामान्य गलती नहीं लगता, बल्कि इसमें जानबूझकर हुई लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं। सरकार जांच कर रही है कि ऐसा संकट क्यों आया और ऑपरेशंस होने के बावजूद हालात क्यों बिगड़े। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो CEO को हटाया जाएगा और ज़िम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने संकट के 9 दिन बाद बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर यात्रियों से माफी मांगी और कहा कि हर पहलू की जांच की जाएगी, जिसमें बाहरी तकनीकी विशेषज्ञ गड़बड़ी की असली वजह पता करेंगे।








