कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन

90 वर्ष की आयु में लातूर स्थित आवास पर ली अंतिम सांस; पीएम मोदी ने जताया दुख
लातूर (महाराष्ट्र): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल (Shivraj Patil) का आज सुबह महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने लातूर स्थित अपने घर में सुबह करीब 6.30 बजे अंतिम सांस ली। उनका पूरा नाम शिवराज पाटिल चाकूरकर था।
पाटिल ने अपने राजनीतिक करियर में कई प्रतिष्ठित पदों पर कार्य किया। वह लोकसभा अध्यक्ष और केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्री पदों की ज़िम्मेदारियाँ संभाल चुके थे।
राजनीतिक जीवन और योगदान
सात बार सांसद: पाटिल ने मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर से संसद सदस्य के रूप में सेवा की। वह 1980 के बाद लातूर लोकसभा सीट से लगातार सात बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
प्रमुख पद: उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान रक्षा मंत्री और राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
लोकसभा अध्यक्ष: लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उन्हें संसद में आधुनिक तकनीक के उपयोग की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है।

राज्यपाल: 2010 से 2015 तक, उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में भी सेवा दी।
मुंबई आतंकी हमले के बाद दिया था इस्तीफा
शिवराज पाटिल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के समय देश के गृह मंत्री थे। इन हमलों के दौरान सुरक्षा खामियों को लेकर व्यापक आलोचना का सामना करने के बाद, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आतंकवादी हमले को रोकने में अपनी विफलता को स्वीकार किया था।

श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार
पीएम मोदी ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवराज पाटिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं शिवराज पाटिल जी के निधन से बहुत दुखी हूँ। पाटिल जी एक अनुभवी नेता थे। वह समाज कल्याण में योगदान देने के लिए भावुक थे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”
पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक: उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों की भीड़ लातूर में शिवराज पाटिल के निवास, “देवघर” पर इकट्ठा होने लगी।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने उन्हें एक अत्यंत अनुशासित नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी और उनके आचरण की प्रशंसा की।
पारिवारिक जानकारी: उनके परिवार में उनके पुत्र शैलेश पाटिल, बहू अर्चना और दो पोतियाँ शामिल हैं। अर्चना पाटिल ने पिछले साल लातूर शहर से कांग्रेस के अमित देशमुख के खिलाफ भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
अंतिम संस्कार शनिवार को होने की उम्मीद है।








