पंजाब पंचायत चुनाव: AAP के 2 विधायकों के बयान ने खड़ा किया विवाद!


पंजाब में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से पहले, आम आदमी पार्टी (AAP) के दो विधायकों के बयानों ने पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इन विधायकों ने जहां एक तरफ अवैध शराब की बिक्री और राजनीतिक भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है, वहीं दूसरे विधायक पर सीधे तौर पर मतदाताओं को ‘इनाम’ देने का लालच देने का आरोप लगा है।
🔥 संगरूर MLA नरिंदर कौर भराज का सीधा आरोप
संगरूर से AAP विधायक नरिंदर कौर भराज ने अपने ही बीच के कुछ लोगों पर भुक्की और नाजायज शराब बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
भराज का बयान: “आप भुक्की-नाजायज शराब बेचते हो। आपके कई नौकरों पर पर्चे हो गए। उसमें हमारा क्या कसूर है! हमारे ही सिक्के खोते हैं, जो हमारे बीच में बैठे हैं। वह हमारी सरकार से दाएं-बाएं से काम लेते हैं। ये उनकी हिम्मत है। ये यहीं बैठा। सरकार से काम लेकर आजाद चुनाव लड़ रहे हैं। जो नाजायज भुक्की-शराब बेचते हैं। ऐसे लोग जीतकर क्या करेंगे!”

सफाई: बाद में, विधायक भराज ने सफाई दी कि वह गांव में प्रचार के लिए गई थीं और वहां कुछ समस्याएं सामने आईं, जिन्हें कुछ लोग बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं जो सरकार के आदमियों के नजदीक हैं और गुंडागर्दी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।
💰 समराला MLA जगतार सिंह दयालपुरा पर ‘वोट के लिए इनाम’ का आरोप
लुधियाना के समराला से AAP विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने AAP उम्मीदवारों को जिताने के लिए मतदाताओं को 5 लाख रुपये से लेकर 31 लाख रुपये तक का इनाम देने की पेशकश की है।
दयालपुरा का प्रस्ताव: “मैं ये कहता हूं कि जो पंचायत विधानसभा हल्का समराला में सबसे अधिक वोट से आम आदमी पार्टी को जिताएगी, मैं उस पंचायत को 31 लाख रुपये की सम्मान राशि दूंगा। वहीं, जो पंचायत 100 या 100 से अधिक वोट से जिताएगी उसे 11 लाख रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। जो सिर्फ जिताएगी उन्हें 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। अब फैसले लोगों ने लेना है कि उन्होंने 5 लाख लेने है, 11 लाख लेने है या 31 लेने। मैं यही चाहूंगा कि लोग 31 लाख के हकदार बनें और बढ़ चढ़ कर वोट डालें।”

विपक्ष का आरोप: विरोधी दल इसे सीधे तौर पर लोगों को पैसे का लालच देने और मतदाताओं के वोट की बोली लगाने का आरोप लगा रहे हैं।
🗣️ भाजपा बोली- नशा विरोधी मुहिम सिर्फ ‘दिखावा’
भाजपा के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने AAP की नशा विरोधी मुहिम को ‘दिखावा’ बताया।
अनिल सरीन का बयान: “आपकी नशा विरोधी मुहिम सिर्फ दिखावा है और सच वही है जो आपकी विधायक खुद कह रही है। उन्होंने कहा कि आपकी विधायक खुद कह रही है कि सरकार की शय पर नशा बेचते रहे और अब आजाद चुनाव लड़ रहे हैं।”
वोटों की बोली: सरीन ने विधायक दयालपुरा के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई मतदाताओं के वोट की बोली लगा रहा है तो कोई कुर्सियों की बोली लगा रहा है। पंजाब में AAP ऐसा ही बदलाव लेकर आई है।








