गोआ के अरपोरा में नाइट क्लब में भीषण आग, 23 की मौत

पणजी: गोआ के अरपोरा इलाके में शनिवार देर रात एक नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में कम से कम 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। यह हादसा देर रात करीब 12:00 बजे रसोई क्षेत्र में एक सिलेंडर फटने से हुआ, जिसके बाद आग तेज़ी से पूरे क्लब में फैल गई।
सिलेंडर फटने से हुआ भीषण हादसा
पुलिस के मुताबिक, सिलेंडर विस्फोट इतना ज़बरदस्त था कि आग को पूरे क्लब में फैलने में कुछ ही मिनट लगे। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मरने वालों में क्लब स्टाफ और पर्यटक शामिल
मृतकों की संख्या: 23
घायलों की संख्या: 6
मृतकों की पहचान: चार पर्यटक, 14 क्लब स्टाफ सदस्य, और पांच अज्ञात।
डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि 23 शव बरामद किए गए हैं और मरने वालों में ज़्यादातर क्लब कर्मचारी थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया था।
दम घुटने से हुईं ज़्यादातर मौतें

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि तीन लोगों की मौत जलने से हुई है, जबकि शेष मौतें दम घुटने (घुटन) के कारण हुईं। डीजीपी ने जानकारी दी कि आग ग्राउंड फ्लोर पर रसोई से क्लब के अन्य हिस्सों में फैली, जिसके कारण ज़्यादातर शव रसोई क्षेत्र में मिले। भागने की कोशिश के दौरान दो लोगों की मौत सीढ़ियों पर हुई।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने घटना स्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
सीएम सावंत ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया:
”आज गोआ के लिए बहुत दुखद दिन है। अरपोरा में लगी भयानक आग में 23 लोगों की मौत हो गई… मैं बहुत दुखी हूं और इस मुश्किल समय के दौरान सभी प्रभावित परिवारों के साथ अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने घटना की पूरी जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में आग लगने के कारणों और क्या फायर सेफ्टी और इमारत नियमों का सही ढंग से पालन किया गया था, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक फोरेंसिक (FSL) टीम भी आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में क्या करना है, यह जानने के लिए अपने क्षेत्र के फायर सेफ्टी नियमों के बारे में ज़रूर जानकारी रखें।








