गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) को पंजीकरण/नवीनीकरण कराना अनिवार्य: डिप्टी कमिश्नर

पठानकोट जिले में कार्यरत सभी गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) और संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। डिप्टी कमिश्नर-कम-रजिस्ट्रार पठानकोट (सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 2015) ने उन सभी संस्थाओं, जो 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की भलाई और उनके क्षेत्र में काम कर रही हैं, उन्हें अपना पंजीकरण या नवीनीकरण (रिन्यूअल) करवाना अनिवार्य कर दिया है।

मुख्य बातें
लक्ष्य: यह नियम उन सभी संस्थाओं पर लागू होता है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, चिकित्सा, मनोरंजन, व्यावसायिक प्रशिक्षण आदि जैसे क्षेत्रों में बच्चों के कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
कानूनी आधार: यह कदम सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 2015 की धारा 41(1) और पंजाब सोसाइटी पंजीकरण नियम, 2015 की धारा 42 के तहत उठाया गया है।
अंतिम तिथि: पंजीकरण/नवीनीकरण की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।
आवेदन: संबंधित संस्थाएं अपने आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेज डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, कमरा नंबर-219, ब्लॉक-सी, जिला प्रशासनिक परिसर, पठानकोट में जमा करा सकती हैं।

दंडात्मक कार्रवाई: डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी संस्था निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण/नवीनीकरण नहीं कराती है, तो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 2015 की धारा 42 और पंजाब सोसाइटी पंजीकरण नियम, 2015 की धारा 41(1) के तहत ऐसी संस्थाओं का पंजीकरण समाप्त कर दिया जाएगा और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे समय पर इस प्रक्रिया को पूरा करें ताकि वे बच्चों के कल्याण के अपने कार्य को कानूनी रूप से जारी रख सकें।








