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फौजी स्कीम के नाम पर 14 करोड़ का महा-ठग: 327 से अधिक पूर्व सैनिक शिकार

फौजी स्कीम के नाम पर 14 करोड़ का महा-ठग: 327 से अधिक पूर्व सैनिक शिकार

ऊना । जालसाजों का निशाना: देश के पूर्व सैनिक, खास तौर पर हिमाचल के ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के 327 से अधिक लोग।

​ठगी की रकम: पूर्व फौजियों से ₹6.09 करोड़ जमा कराए गए, जबकि कुल ठगी ₹14.41 करोड़ से अधिक की।

​कंपनी का नाम: लखनऊ की ‘श्रेया इंफ्रा मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’।

​📜 विस्तृत स्क्रिप्ट

​एंकर/इंट्रो:

​एंकर: नमस्कार। हिमाचल के शांत पहाड़ों में एक ऐसे बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसने देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों के भरोसे को तार-तार कर दिया है। ‘सिर्फ फौजियों के लिए स्कीम’ के नाम पर चार जिलों के 327 से अधिक जवानों को लगभग 14 करोड़ की चपत लगाई गई है।

​रिपोर्टर की स्क्रिप्ट:

​फौजियों के कंधों पर लगे मेडल भी जालसाजों के ‘मास्टरप्लान’ को नहीं पहचान पाए। ठगी का यह सिलसिला चमकदार सेमिनारों से शुरू हुआ और अंत खाली खातों से हुआ।

​💡 जालसाजी का प्लान:

लखनऊ की एक कंपनी, ‘श्रेया इंफ्रा मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’, ने जानबूझकर यह प्रचार किया कि यह स्कीम ‘सिर्फ फौजियों के लिए’ है। मकसद था—देश की सेवा करने वाले जवानों का विश्वास जीतना।

​💰 लालच का जाल:

कंपनी ने पूर्व सैनिकों को एक हसीन सपना दिखाया:

​”पैसा लगाओ, 15 से 18 महीने में रकम हो जाएगी दोगुनी। साथ में मिलेगा जमीन का प्लॉट।”

​आरोपियों – हेमंत कुमार राय, संगीता राय, श्रेया राय समेत अन्य ने इस लालच में 327 से अधिक लोगों को फंसाया और उनसे 6.09 करोड़ रुपये जमा करवा लिए।

​♟️ सबसे बड़ी चाल: अफसरों को मोहरा बनाया:

जालसाजों ने फौजियों का भरोसा जीतने के लिए सेना के अधिकारी स्तर के लोगों को पहले अपने जाल में फंसाया और उन्हें एजेंट बनाया। उनकी उपस्थिति में होटलों में बड़ी-बड़ी मीटिंग्स और ‘स्टार पार्टियां’ आयोजित की गईं, ताकि निचले रैंक के जवान बिना सवाल किए पैसा लगा दें।

​📉 प्लॉट सिर्फ कागजों में:

शुरुआत में कुछ लोगों को थोड़ा रिटर्न दिया गया, लेकिन जब पैसा दोगुना होने का समय आया, तो सच्चाई सामने आई। फौजियों को दिखाए गए प्लॉट सिर्फ कागजी थे, जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं था।

​🚨 पुलिस कार्रवाई शुरू:

धोखाधड़ी का अहसास होने पर 15 पूर्व फौजियों ने गगरेट थाने में FIR दर्ज करवाई।

SDPO अंब, अनिल पटियाल के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। उन्होंने लोगों को चिटफंड कंपनियों में निवेश करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है।

​एंकर का समापन:

​एंकर: एक बार फिर साबित हुआ है कि लालच का खेल कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस इस बड़े नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी है।

Ami News
Author: Ami News

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