किसान आंदोलन की बड़ी खबर: 5 दिसंबर को रेल रोको आंदोलन, 17 और 18 दिसंबर को प्रदर्शन

चंडीगढ़/अमृतसर: अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं या इस हफ्ते ट्रेन से यात्रा का कोई प्लान है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 5 दिसंबर को रेलवे ट्रैक जाम करने का ऐलान किया है, जिससे रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, 17 और 18 दिसंबर को भी किसानों द्वारा बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
5 दिसंबर को 2 घंटे के लिए रेल रोको आंदोलन
किसानों ने अपनी लंबित मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 5 दिसंबर को पंजाब भर में दो घंटे के लिए रेल यातायात रोकने का फैसला किया है।
अमृतसर के किसानों ने आज डीसी कार्यालय में जिला कलेक्टर (डीसी) को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें उनकी मांगों का उल्लेख किया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया को बताया कि किसानों की मुख्य मांगों में बिजली संशोधन बिल के खिलाफ विरोध, शंभू और खनौरी सीमाओं पर हुए नुकसान का मुआवजा, और अन्य स्थानीय मुद्दे शामिल हैं।

आर-पार की लड़ाई की तैयारी
पंधेर ने स्पष्ट किया कि कई बार प्रयास के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि चाहे बिजली निजीकरण का मुद्दा हो या शंभू और खनौरी सीमाओं पर किसानों के नुकसान का मुआवजा, सरकार ने अभी तक कोई हल नहीं निकाला है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इसी कारण से किसान सरकार को आगाह करने के लिए 5 दिसंबर को पंजाब भर में दो घंटे के लिए रेल यातायात रोकेंगे। इसके बाद, 17 और 18 दिसंबर को पंजाब जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बातचीत के लिए तैयार, पर आंदोलन जारी रहेगा
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अगर कोई सरकारी प्रतिनिधि बातचीत के लिए आता है, तो किसान बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि अगर कोई समाधान नहीं निकलता है, तो रेल रोको आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।

किसानों ने यह भी कहा है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए वे गंभीर कदम उठाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य उनकी जायज मांगों को मान्यता दिलाना है।
पंधेर ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। डीसी को दिए गए मांग पत्र के माध्यम से किसानों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी मांगों पर अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज होगा।








