पाकिस्तान से लौटे विस्थापित 20 हिंदू परिवार जो भीषण आग से बेघर हो गए, पीसीटी ह्यूमैनिटी के जोगिन्दर सिंह सलारिया के नेतृत्व में संस्था ने तत्काल मदद सामग्री उपलब्ध कराई।

पठानकोट । पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए हिंदू परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। पठानकोट की पीसीटी ह्यूमैनिटी (PCT Humanity) संस्था ने, हाल ही में भीषण आग की घटना से बेघर हुए लगभग 20 परिवारों को तत्काल राहत और उनके पुनर्वास का ठोस आश्वासन दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विस्थापित हिंदू समुदाय के ये लोग पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न और शोषण का शिकार होने के बाद भारत में शरण लिए हुए थे। पिछले दिनों लगी आग में इनकी पूरी जमापूंजी, खाने-पीने का सामान और सिर ढकने का ठिकाना, सब कुछ जलकर राख हो गया, जिसके बाद ये खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर थे।
पीसीटी ह्यूमैनिटी के चेयरमैन जोगिन्दर सिंह सलारिया ने इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया। उनके नेतृत्व में संस्था के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों को खाना, राशन, कपड़े, बिस्तर और तम्बू जैसी आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई। श्री सलारिया ने इस अवसर पर कहा कि, “ये लोग पहले ही पाकिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना झेल चुके हैं और भारत में भी इनके साथ यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। हम इन्हें निराश नहीं होने देंगे। पीसीटी ह्यूमैनिटी इन परिवारों को जल्द से जल्द पक्के मकान बनाकर देगी और इनके पुनर्वास का पूरा खर्च उठाएगी।”

तत्काल सहायता: संस्था ने परिवारों को 15 दिनों का राशन, कपड़े, बिस्तर, और रहने के लिए तम्बू उपलब्ध कराए।
पुनर्वास का आश्वासन: 20 बेघर परिवारों को जल्द ही पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे।
समुदाय का समर्थन: जोगिन्दर सिंह सलारिया ने इस पहल को “एक समुदाय का पुनर्जीवन” बताया है।
सलारिया ने बताया कि पीसीटी ह्यूमैनिटी पिछले पांच वर्षों से भारत में विस्थापित होकर आए लगभग 1500 हिंदू-सिख परिवारों को बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, और रोजगार उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि संस्था का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शरणार्थी परिवार को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े।

यह मानवीय पहल इस बात का उदाहरण है कि कैसे आपदा के समय धर्म से ऊपर उठकर समाज की सेवा की जा सकती है, और यह बेसहारा परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और सम्मान का विषय है।








