पठानकोट के निजी स्कूल से भागे 4 नाबालिग छात्र दिल्ली से बरामद, SSP ने दी जानकारी
पठानकोट: पठानकोट के एक निजी स्कूल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्कूल के चार नाबालिग छात्र हॉस्टल से अचानक लापता हो गए। हालांकि, पठानकोट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापता बच्चों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है और उन्हें उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि इन छात्रों का स्कूल प्रबंधन के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था, जिसके चलते बच्चों ने यह कदम उठाया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि पठानकोट के एक निजी स्कूल के 4 बच्चे स्कूल प्रबंधन से मनमुटाव के चलते हॉस्टल से गायब हो गए थे। इसकी सूचना मिलते ही पठानकोट पुलिस तुरंत हरकत में आई और तुरंत टीमें गठित कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई।
एसएसपी ढिल्लों ने बताया कि पुलिस के पास अब नवीनतम टेक्नोलॉजी (लेटेस्ट टेक्नोलॉजी) उपलब्ध है, जिसके चलते बच्चों को जल्द ही ट्रेस कर लिया गया।
- कैसे पहुंचे दिल्ली: उन्होंने बताया कि बच्चों के पास ज्यादा पैसे नहीं थे। उन्होंने पठानकोट से ट्रेन पकड़ी और वाया रोहतक होते हुए दिल्ली पहुंचे। उनके पास एक फोन भी था।
- टेक्निकल विंग की भूमिका: पुलिस की तकनीकी विंग द्वारा उन्हें ट्रेस करने के बाद, इस मामले को पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
- दिल्ली पुलिस से समन्वय: वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल दिल्ली पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने रेलवे स्टेशन दिल्ली से इन चारों बच्चों को बरामद कर लिया।

इसके उपरांत, पठानकोट पुलिस द्वारा चारों बच्चों को दिल्ली से वापस पठानकोट लाया गया और उनके जम्मू-कश्मीर निवासी माता-पिता को बुलाकर उन्हें सौंप दिया गया है।
एसएसपी ढिल्लों ने इस बात पर जोर दिया कि ये चारों बच्चे नाबालिग हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी सलाह दी कि उन्हें नाबालिग बच्चों की मनोवृत्ति को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे अक्सर जज्बातों में कुछ कदम उठा लेते हैं, जिसके लिए कई बार काउंसलिंग के माध्यम से समाधान निकालना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अगर बच्चे किसी गलत संगत या बुरे लोगों के हाथ लग जाते, तो इन अनमोल बच्चों को ढूंढना बेहद मुश्किल हो जाता। उन्होंने पंजाब पुलिस की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग की सराहना की, जिसके चलते इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया गया।








