राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज ने अमृतसर में भगवान वाल्मीकि तीर्थ पर विरोध-विकास के मुद्दों को लेकर DC को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में कार्रवाई न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी

आज, सात नवंबर को राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज (National Valmiki Dharm Samaj) ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ पर चल रहे विवाद और विकास संबंधी मुद्दों को लेकर एक मांग पत्र माननीय उपायुक्त (DC) साहिब को सौंपा। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज पंजाब प्रधान अमित रंधावा की अगुवाई में किया गया।

मुख्य मांगें और चेतावनी
ज्ञापन में समाज ने मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगों पर जोर दिया:
- अतिक्रमण और बेअदबी पर कार्रवाई: मांग की गई कि भगवान वाल्मीकि तीर्थ परिसर में जिन व्यक्तियों ने बेअदबी की है, उनके खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए।
- तीर्थ का विकास: तीर्थ से संबंधित विकास के मुद्दों और समस्याओं को भी मांग पत्र के माध्यम से प्रशासन के समक्ष रखा गया।
समूह ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन छेड़ेगा।

विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण मौके पर राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें शामिल थे:
- वीर दिलबाग टाक (राष्ट्रीय मौके संचालक)
- बाबा बलवीर सिंह गुमताला (उप प्रधान)
- सतपाल वैद जी (राष्ट्रीय महासचिव)
- आर के सफरी (राष्ट्रीय निदेशक)
- वीर संगम कुमार वाल्मीकि (राष्ट्रीय मुख्य संचालक)
- अशोक कुमार (राष्ट्रीय प्रचार मंत्री)
- राहुल सिद्धू (पंजाब उपाध्यक्ष)
- यशपाल सोनू (जिला उपाध्यक्ष)
- रोहित जीदा (हलका चेयरमैन)
- सुभाष (सिटी प्रधान)
- शीतल नीटा (उप प्रधान)
- पम्मी जी लाडी (ऑटो यूनियन प्रधान)
- बंटी घोसला
- शाम (सहारनपुर से आए राष्ट्रीय पदी)

समाज ने स्पष्ट किया है कि वे भगवान वाल्मीकि तीर्थ की पवित्रता और वहां के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे।








