पंजाब मुलाज़िम, पेंशनर्स साझा फ्रंट द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री के हलके धूरी में 16 नवंबर को रोश रैली की जाएगी
पठानकोट :सुजानपुर( 05 नवंबर 2025) पीएसएसएसएफ जिला पठानकोट की कार्यकारिणी बैठक जिला अध्यक्ष रवि दत्त , महासचिव सुभाष चंद्र की अध्यक्षता में हुई। जिसमें विशेष रूप से पंजाब पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला पठानकोट अध्यक्ष रजिंदर धीमान शामिल हुए ।

इस मौके पर रजिंदर धीमान, महासचिव सुभाष चंद्र , रजिंदर धीमान ,मनोहर लाल , राजेश कुमार, अमृतपाल सिंह रामदास, रजिंदर कुमार हेल्थ, राजेश लवली ने कहा कि पंजाब कर्मचारी पेंशनर साझा फ्रंट द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ धूरी संगरूर में 16 नवंबर को राज्य स्तरीय रैली और रोष मार्च किया जाएगा ।जिसमें जिला पठानकोट के पेंशनर भारी संख्या मे दो बसों में जत्था रवाना होगा उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार से 16% महंगाई भत्ता कम दे रही है इसी तरह ग्रामीण भत्ता, बॉर्डर एरिया भत्ता और ए.सी.पी. स्कीम समेत 37 भत्ते पिछले 4 सालों से बंद हैं। पंजाब सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफ़ारिशों और इसके शेष दूसरे हिस्से को ठंडे बस्ते में डाल रखा है, जबकि केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग की स्थापना कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण 2.59 गुणांक के साथ नहीं कर रही, कच्चे मुलाज़िमों को स्थायी करने के लिए बनाई गई नीति अब तक की सबसे घटिया है, जो केवल 58 साल तक सेवा की गारंटी देती है और स्थायी कर्मचारियों वाले अन्य किसी भी लाभ को नहीं देती। पुरानी पेंशन बहाल करने के अपने वादे से सरकार पीछे हटकर इसे केंद्र सरकार से जोड़ रही है। इसी प्रकार मिड-डे-मील वर्करों, आशा वर्करों, फैसिलिटेटरों और आंगनवाड़ी वर्करों व हेल्परों का मान-भत्ता दोगुना करने का वादा भी सरकार तोड़ चुकी है।
वहीं, आउटसोर्स, इनलिस्टमेंट और केंद्र सरकार की योजनाओं के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जा रहा,वेतन आयोग के 5 साल 6 महीने के बकाए एकमुश्त अदा करने की बजाय 42 और 36 किस्तों में देने की खोखली नीति अपनाई जा रही है। कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते की किस्तों के बकाए दबाए गए हैं। 01.01.2016 को वेतन और पेंशन तय करते समय 125% महंगाई भत्ता आधार नहीं माना गया।








