शेखपुरा जट्टां में अवैध खनन जारी: SDO के आश्वासन का ‘शून्य’ असर, माफिया पर किसकी मेहरबानी?

पठानकोट/भोआ:पंजाब के पठानकोट जिले के भोआ हल्का के अंतर्गत आने वाले शेखुपुरा जट्टां की मंजीरी में क्रशर माफिया के हौसले बुलंद हैं। उप-मंडल अधिकारी (SDO) द्वारा मौके पर जाकर कानूनी कार्रवाई का सख्त आश्वासन दिए जाने के बावजूद, दरिया किनारे वाली जमीन पर आज भी जेसीबी मशीनों से अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी है। यह स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
’जिसका खेत, उसकी रेत’ नीति का घोर दुरुपयोग
खनन माफिया पंजाब सरकार की बाढ़ राहत नीति ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ का सरेआम दुरुपयोग कर रहा है।
दोहरा मापदंड: बाढ़ के कारण खेत में आई रेत निकालने की आड़ में, माफिया जमीन के नीचे से 10-10 फुट तक रेत निकाल रहे हैं।

किसानों की दुर्दशा: स्थानीय किसान सुखदेव सिंह ने खुलासा किया है कि खनन इस हद तक किया गया है कि जमीन से पानी तक निकल आया है। यह गीला माल भरकर नजदीकी क्रशरों में भेजा जा रहा है।
धमकियों का दौर: किसान सुखदेव सिंह ने माफिया की ओर से धमकी मिलने की बात भी बताई है।

SDO का ‘सख्त निर्देश’ बेअसर!
बीते दिन, मामले की गंभीरता को देखते हुए SDO ने मौके पर मौजूद टिप्पर मशीनों को चेतावनी दी थी।
उन्होंने सख्त निर्देश दिए थे: “अगर कल से फिर टिप्पर मशीनें लगाई गईं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” A.M.I न्यूज़ की टीम ने आज फिर जब जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की तो देखा कि प्रशासन के इस सीधे निर्देश के बावजूद, शेखपुरा जट्टां में बिना किसी रोक-टोक के अवैध माइनिंग जारी है।

महत्वपूर्ण सवाल: क्या कोई ‘दबाव’ या ‘मिलीभगत’ है?
जब A.M.I न्यूज़ की टीम ने एक बार फिर SDO गुरमुख सिंह से बात की, तो उनका जवाब काफी ‘Casual’ रहा। एसडीओ ने कहा आज हम फिर वहां जाकर देखेंगे अगर अवैध माइनिंग हो रही होगी तो हम उनके ऊपर कल एफ.आई.आर दर्ज कर देंगे, लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि पहले तो एफ.आई.आर आधी रात और सुबह तड़के को भी दर्ज हो जाती थी तो अब इनको इतना समय क्यों दिया जा रहा है
क्या अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का कोई सरकारी दबाव है, या यह अवैध खनन माफिया के साथ मिलीभगत का नतीजा है?
प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि कानून केवल कागजों तक सीमित है, जमीनी हकीकत पर माफिया का ही राज है।








