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पठानकोट में नशे के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, 3-4 संदिग्धों को पकड़ पुलिस को सौंपा; जान से मारने की मिली धमकी

पठानकोट में नशे के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, 3-4 संदिग्धों को पकड़ पुलिस को सौंपा; जान से मारने की मिली धमकी

​पठानकोट / सुजानपुर: पठानकोट में चिट्टे के अवैध कारोबार और बढ़ती नशेबाजी से परेशान मोहल्ला निवासियों का गुस्सा शनिवार रात करीब 9:30 बजे फूट पड़ा। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभालते हुए नशा कर रहे कुछ युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

​क्षेत्रवासियों ने 3-4 संदिग्धों को नशीले पदार्थ की पन्नियों (सिल्वर फॉयल) और अन्य सबूतों के साथ पकड़कर मीडिया के सामने सुजानपुर पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही पकड़े गए युवकों ने मोहल्ले वालों को सरेआम धमकी देते हुए कहा, “जैसे ही हम बाहर आएंगे, तुम्हें काटकर रख देंगे।”

​सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान पर उठे सवाल

मौके पर मौजूद समाजसेवियों और क्षेत्रवासियों ने पंजाब सरकार के नशे के खिलाफ किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा खत्म करने के वादे किए थे, लेकिन मलकपुर में पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से लोग आकर खुलेआम चिट्टा पी रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है, वह काम अब आम महिलाएं और युवा अपनी जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं।

​आरोपियों को जल्द छोड़ने से बढ़े हौसले

स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस उन्हें जल्द छोड़ देती है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। महिलाओं ने बताया कि बीते शुक्रवार को भी उन्होंने 2 युवकों को चिट्टे के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस ने शनिवार दोपहर 12 बजे ही उन्हें बिना किसी सख्त कार्रवाई के छोड़ दिया।

​मोहल्ले वालों के प्रमुख आरोप:

  • ​कठुआ (जम्मू-कश्मीर) कनेक्शन: मलकपुर में जिस घर से युवकों को पकड़ा गया, वहां पूछताछ के दौरान जम्मू-कश्मीर के कठुआ से आए युवकों ने स्वीकार किया कि वे बाहर से आकर यहां नशा करते हैं।
  • ​8-10 साल से जारी धंधा: आशा देवी, पूनम और सोमा देवी सहित अन्य निवासियों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पिछले 8 से 10 वर्षों से नशा बेचने और पिलाने का काम कर रहा है।
  • ​मासूम बच्चों और लड़कियों का इस्तेमाल: आरोप है कि नशे के अड्डे पर लड़कियों को बुलाया जाता है और मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर गाड़ियों तक नशीला सामान पहुंचाने के काम में इस्तेमाल किया जा रहा है।

​सख्त कानून और गैर-जमानती धाराओं की मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जारी विधानसभा सत्र के दौरान नशे के सौदागरों व तस्करों के खिलाफ फांसी या उम्रकैद का सख्त कानून पारित किया जाए, ताकि ये अपराधी बाहर आकर दोबारा समाज में जहर न घोल सकें। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस की ढिलाई के कारण कोई अनहोनी या जानलेवा वारदात होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

Ami News
Author: Ami News

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