ईसड़ू में अकाली दल की सियासी प्रेस कॉन्फ्रेंस: सुखबीर बादल पर हुए हमले को याद कर भावुक हुईं हरसिमरत कौर बादल
खन्ना / ईसड़ू:खन्ना के ऐतिहासिक गांव ईसड़ू में शिरोमणि अकाली दल द्वारा आयोजित राजनीतिक सम्मेलन के दौरान माहौल उस समय बेहद भावुक हो गया, जब बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अपने पति और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले का जिक्र किया।
मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरसिमरत कौर बादल रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ, उससे वह गहरे सदमे में हैं और जनता के सामने आते ही बेहद भावुक महसूस कर रही हैं।
“आज मेरी जगह सुखबीर बादल को आना था”
हरसिमरत कौर बादल ने बताया, “आज इस ऐतिहासिक धरती पर मेरी जगह सुखबीर सिंह बादल को खुद आना था। उन्होंने बेहद रीझ और उत्साह के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन कराया था ताकि वे आप सभी के साथ अपने दिल की बातें साझा कर सकें। लेकिन हमले के कारण वे यहां नहीं पहुंच सके।”
उन्होंने हमले की भयावहता की जानकारी देते हुए बताया कि हमलावर ने लगभग 2 फुट लंबे धारदार हथियार (किरच/कृपाण) से हमला किया था। इस हमले में सुखबीर सिंह बादल को गंभीर चोटें आईं और उनके हाथ पर लगभग 150 टांके लगे हैं।
गुरुघर में परिवार के सामने हमला, हरसिमरत बोलीं- ‘ये सिख नहीं हो सकते’
घटना का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमलावर बाणा (पारंपरिक सिख पोशाक) पहनकर गुरुद्वारा साहिब के अंदर दाखिल हुआ था। उन्होंने बताया कि जब सुखबीर सिंह बादल परिवार समेत गुरुघर में दर्शन करके बाहर निकल रहे थे, तब हमलावर ने सीधा उनकी छाती पर वार करने की कोशिश की।
हरसिमरत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “पवित्र गुरुघर में इस तरह का हमला कोई ‘गुरु द्रोही’ ही कर सकता है। मैं ऐसे हमलावरों को सिख नहीं मानती।”
बड़ों और बच्चों की आंखों के सामने हुआ हमला, बड़ी साजिश की आशंका
सांसद हरसिमरत कौर ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले दो सालों के भीतर सुखबीर सिंह बादल पर यह दूसरा जानलेवा हमला है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी और गहरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा, “बच्चों की आंखों के सामने उनके पिता पर और पत्नी के सामने उसके सुहाग पर जानलेवा हमला किया गया। यह दृश्य किसी भी परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है।”
“न डरे हैं, न डरेंगे… अब पंजाब को आजाद कराने की जरूरत”
अकाली दल अध्यक्ष के हौसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने अस्पताल से संदेश दिया है कि ‘हम न कभी डरे हैं और न ही कभी डरेंगे’। उन्होंने मुझे हिदायत दी थी कि ‘तुम जाकर लोगों के बीच हाजिरी लगाओ, हमारी कोई भी रैली या कार्यक्रम रद्द नहीं होगा। हमारे लिए सबसे पहले पंजाब है, फिर हमारी पार्टी और उसके बाद हमारा परिवार।’
अपने संबोधन के अंत में हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जिस तरह देश को आजादी मिली थी, ठीक उसी तरह आज के दौर में पंजाब को भी बुरी ताकतों से आजाद कराने की सख्त जरूरत है।











