हमीरपुर कोर्ट के आदेश पर फैली अफवाहों पर विराम: हिमाचल में जारी रहेगा स्मार्ट मीटर अभियान
शिमला/हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही तमाम अफवाहों पर बिजली बोर्ड प्रबंधन ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि हमीरपुर के सिविल न्यायालय का अंतरिम आदेश केवल एक उपभोक्ता के व्यक्तिगत मामले तक सीमित था। इसका प्रदेशभर में चल रहे स्मार्ट मीटर अभियान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह योजना अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगी।
क्या था पूरा मामला?
बिजली बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर जिले के लंबलू निवासी जैमल सिंह ने स्मार्ट मीटर के विरोध में न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया था। इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर यह भ्रामक प्रचार शुरू हो गया कि पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं में असमंजस और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
अफवाहों को देखते हुए बिजली बोर्ड ने तुरंत हरकत में आते हुए इस आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपील दायर की।
13 जुलाई की सुनवाई में क्या हुआ?
बीते 13 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान बिजली विभाग ने ‘विद्युत अधिनियम-2003’ और स्मार्ट मीटर योजना से जुड़े सभी कानूनी व तकनीकी पक्षों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा।
उपभोक्ता को दिया गया भरोसा: > विभाग ने संबंधित उपभोक्ता (जैमल सिंह) को आश्वस्त किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी उनका बिजली कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही रहेगा। उनकी स्पष्ट सहमति के बिना इसे किसी भी हाल में प्रीपेड में नहीं बदला जाएगा। इस ठोस आश्वासन के बाद उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगवाने पर अपनी सहमति दे दी और अदालत से अपना वाद (केस) वापस ले लिया।
क्यों जरूरी हैं स्मार्ट मीटर? जानिए इसके फायदे:
बिजली बोर्ड प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बिजली व्यवस्था की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- पारदर्शी बिलिंग: बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी, जिससे गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म होगी।
- बेहतर ऊर्जा प्रबंधन: उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर खुद नजर रख सकेंगे।
- त्वरित सेवाएं: उपभोक्ताओं को तेज और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।
- बिजली नुकसान में कमी: बिजली चोरी और वितरण हानियों (Distribution Losses) को रोकने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में बिजली दरों को नियंत्रित रखने में सहायता मिलेगी।
बिजली बोर्ड की उपभोक्ताओं से विशेष अपील
बिजली बोर्ड के प्रवक्ता ने प्रदेश के तमाम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य किसी भी अपुष्ट व भ्रामक सूचना पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उपभोक्ता केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आधुनिक ऊर्जा नेटवर्क से जोड़ने वाले इस ‘स्मार्ट मीटर स्थापना अभियान’ में अपना सकारात्मक सहयोग देने का आग्रह किया है।











