डीसी ऑफिस पठानकोट के बाहर किसानों का जोरदार प्रदर्शन: केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
पठानकोट: देश में किसानों, मजदूरों और विभिन्न वर्गों पर हो रहे कथित अत्याचारों और ‘भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील’ के विरोध में आज पठानकोट में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी (पंजाब) द्वारा उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
’देश बचाओ मोर्चा’ के तहत एकजुट हुए 600 से अधिक संगठन
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सूबा कोर कमेटी सदस्य लखविंदर सिंह वरियाम नंगल ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे देश में कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा:
”लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों को अपने हक के लिए लंबे समय तक धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। सरकार आम जनता और किसानों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों चंडीगढ़ के किसान भवन में देश के लगभग 600 से अधिक संगठनों ने बैठक कर ‘देश बचाओ मोर्चा’ का गठन किया था। इसी मोर्चे के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आज 15 जुलाई, 2026 को पूरे देश में जिला और तहसील स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकालकर रोष प्रकट किया जा रहा है और मांग पत्र सौंपे जा रहे हैं।
भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील से बर्बाद हो जाएगा देश: किसान नेता
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा जो ‘भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील’ (Free Trade Deal) की जा रही है, वह देश की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगी।
- आर्थिक नुकसान: नेताओं का कहना है कि हमारी आमदनी और देश के पैसे का मुख्य स्रोत खेती है। इस डील के बाद विदेशों से सस्ता अनाज भारत में लाकर डंप किया जाएगा, जिससे देश की किसानी पूरी तरह तबाह हो जाएगी।
- हर वर्ग प्रभावित: इस डील का असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, सरकारी मुलाजिमों और मजदूरों पर भी पड़ेगा।
दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी
वरियाम नंगल ने चेतावनी देते हुए कहा कि 21 जुलाई से दिल्ली में संसद का सत्र शुरू हो रहा है, जबकि 24 जुलाई को इस विवादित डील पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 24 तारीख को होने वाले इस समझौते के विरोध में ‘देश बचाओ मोर्चा’ और किसान संगठनों द्वारा दिल्ली में किसान कार्ड के साथ एक बहुत बड़ा इकट्ठा (महापंचायत) किया जाएगा और सरकार का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि यदि सरकार ने अपनी किसान-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों को जल्द नहीं बदला, तो आने वाले समय में इस संघर्ष को पूरे देश में और अधिक तेज किया जाएगा।











