वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

पठानकोट में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण का तांडव, सिविल अस्पताल के बाहर जाम में घुट रहा जिंदगी का दम

पठानकोट: अवैध पार्किंग और बेतरतीब अतिक्रमण ने शहर की रफ्तार पर लगाया ‘जाम’

– एएमआई न्यूज (AMI News) विशेष रिपोर्ट

  पठानकोट शहर में इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यूँ तो शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में पार्किंग की कमी को गिना जाता है, लेकिन इससे भी बड़ी और गंभीर समस्या बनकर उभरी है— ‘अवैध पार्किंग’। प्रशासन के ढीले रवैये के कारण आज शहर का मुख्य बाजार और प्रशासनिक क्षेत्रों के बाहर की सड़के पार्किंग यार्ड में तब्दील हो चुकी हैं。

गांधी चौक और मुख्य बाजारों का बुरा हाल

​शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक गांधी चौक में स्थिति बेहद चिंताजनक है। मुख्य सड़क के दोनों ओर लोग बेखौफ होकर अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा कर चले जाते हैं। इस अवैध पार्किंग के कारण न केवल आए दिन सड़क पर लंबा जाम लग रहा है, बल्कि जगह-जगह खड़े वाहनों की वजह से अन्य गाड़ियां भी असंतुलित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के मन में प्रशासन या पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आता। यदि प्रशासन द्वारा शहर में उचित पार्किंग स्थल (Parking Slots) अलॉट कर दिए जाएं, तो बाजारों में लगने वाले इस जाम और आए दिन होने वाले हादसों से जनता को बड़ी निजात मिल सकती है।

दुकानदारों का अतिक्रमण और सड़कों पर नुमाइश

​यातायात ठप होने के पीछे केवल अवैध पार्किंग ही एकमात्र वजह नहीं है, बल्कि दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण (Encroachments) भी एक बड़ा कारण है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर सड़क तक सामान सजाकर ‘दूसरी दुकान’ लगा ली है। रही-सही कसर अवैध पार्किंग पूरी कर देती है, क्योंकि लोग इन बढ़े हुए अतिक्रमण के आगे अपनी गाड़ियां खड़ी करते हैं, जिससे चौड़ी सड़कें भी सिमटकर बेहद संकरी हो जाती हैं।

​बता दें कि पठानकोट का गांधी चौक एक ऐसा मुख्य व्यापारिक केंद्र है, जहाँ न केवल स्थानीय लोग बल्कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। ऐसे में पार्किंग की भारी अव्यवस्था के कारण बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और खरीदारों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

‘दीपक तले अंधेरा’: नगर निगम कार्यालय के बाहर ही नियमों की धज्जियां

​सड़क सुरक्षा और नियमों का दावा करने वाले प्रशासनिक तंत्र की पोल खुद नगर निगम (Corporation) कार्यालय के बाहर खुलती नजर आती है। कॉरपोरेशन दफ्तर के ठीक बाहर का नजारा ‘दीपक तले अंधेरा’ वाली कहावत को चरितार्थ करता है। कार्यालय के ठीक सामने सड़कों पर अवैध कब्जे हैं, दुकानों के बाहर रेढ़ियां सजी हुई हैं और गाड़ियां बेतरतीब ढंग से खड़ी रहती हैं। सुबह हो या शाम, यह इलाका हमेशा सबसे व्यस्त और जाम से ग्रस्त रहता है। लोग बिना किसी संकोच के सड़क के बीचों-बीच वाहन पार्क कर देते हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि नगर निगम अपनी नाक के नीचे हो रहे इन उल्लंघनों पर आंखें मूंदे बैठा है।

सिविल अस्पताल के बाहर संकट में जिंदगी: एम्बुलेंस भी फंस रहीं जाम में

​अवैध पार्किंग का सबसे खौफनाक और संवेदनशील रूप सिविल अस्पताल पठानकोट के बाहर देखने को मिल रहा है। अस्पताल के भीतर बकायदा पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद लोग बाहर सड़क के दोनों ओर पूर्ण रूप से अवैध पार्किंग कर रहे हैं।

​इस संवेदनहीनता का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल के ठीक बाहर ऑटो चालक भी सवारी के इंतजार में अवैध रूप से लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। इस भारी जाम के कारण कई बार जीवनदायिनी एम्बुलेंस (Ambulances) भी मरीजों को लेकर घंटों फंसी रहती हैं। स्थानीय नागरिकों ने आक्रोश जताते हुए सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब इस जाम के कारण समय पर इलाज न मिलने से कोई मरीज दम तोड़ देगा?

पैदल चलने वालों का सफर हुआ जोखिम भरा

​सड़कों पर सफेद लाइन (मार्किंग) के बाहर तक गाड़ियां खड़ी होने के कारण अब राहगीरों के लिए फुटपाथ या सड़क किनारे चलने की जगह ही नहीं बची है। पैदल चलने वाले लोग अपनी जान जोखिम में डालकर गाड़ियों के बीच से निकलने को मजबूर हैं।

एएमआई न्यूज (AMI News) प्रशासन से यह सवाल करता है कि आखिर कब तक नगर निगम और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या से आंखें मूंदे रहेगा? शहर को इस जाम और अवैध पार्किंग के नरक से मुक्ति दिलाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने और चालान प्रक्रिया को तेज करने की सख्त जरूरत है।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!