वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

जाछ पंचायत के दलित परिवारों की पुकार: सदियों पुराना रास्ता बंद, अब 5 किमी घूमकर जाना पड़ता है

जाछ पंचायत के दलित परिवारों की पुकार: सदियों पुराना रास्ता बंद, अब 5 किमी घूमकर जाना पड़ता है

नूरपुर:( ऋषि महाजन) 23 अक्टूबर
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की जाछ पंचायत के वार्ड संख्या पांच और छह के लगभग 150 परिवार इन दिनों भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सदियों पुराना रास्ता, जो कभी गांव से होकर बासा वज़ीरां और जसूर तक पहुंचने का शॉर्टकट हुआ करता था, अब इतिहास बन चुका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग कभी तत्कालीन एग्रो इंडस्ट्री परिसर के बीच से होकर गुजरता था, लेकिन परिसर का क्षेत्र एनडीआरएफ के नाम स्थानांतरित होने के बाद यह रास्ता आम जनमानस के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। परिणामस्वरूप अब ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बाया बोड़ करीब पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि पुराना रास्ता मात्र आधा किलोमीटर का था।

सबसे अधिक दिक्कत हरिजन बस्ती के परिवारों को झेलनी पड़ रही है। करीब पांच–छह सौ की आबादी वाले इन परिवारों की आजीविका खेती पर निर्भर है, मगर रास्ता बंद होने के कारण अब ट्रैक्टर या अन्य कृषि उपकरण खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे। धीरे-धीरे उपजाऊ भूमि बंजर में बदल रही है और रोजमर्रा की जिंदगी कठिन होती जा रही है।


स्थानीय डेलिगेशन ने हाल ही में नूरपुर प्रवास के दौरान बागबानी एवं राजस्व मंत्री माननीय जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। मंत्री ने सहानुभूति जताते हुए आश्वासन दिया कि हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी जाछ परिसर के एक कोने से होकर ग्रामीणों के लिए सार्वजनिक रास्ते का प्रावधान किया जाएगा। प्रस्ताव नौनी विश्वविद्यालय के वीसी कार्यालय में स्वीकृति हेतु लंबित है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही उनकी यह पुरानी मांग पूरी होगी।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!