वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस की बड़ी कामयाबी: आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस की बड़ी कार्रवाई: आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 हैंड ग्रेनेड और 12 पिस्तौल के साथ 3 गिरफ्तार

ISI और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की बड़ी साजिश नाकाम; पंजाब को दहलाने की थी तैयारी

 अमृतसर:पंजाब में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और दहशत का माहौल पैदा करने की एक और बड़ी विदेशी साजिश को काउंटर इंटेलिजेंस (CI) ने नाकाम कर दिया है। अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गैर-कानूनी हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी करने वाले एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

​गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

    • 06 हैंड ग्रेनेड
    • 12 अत्याधुनिक पिस्तौल

पुलिस का बयान: “समय रहते की गई इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकी वारदात और खून-खराबे की साजिश को टाल दिया गया है। पकड़े गए आरोपी राज्य में डर का माहौल पैदा करने के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल करने वाले थे।”

विदेशी हैंडलर और ISI कनेक्शन आया सामने

​शुरुआती पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच के मुताबिक:

      1. विदेशी आकाओं का इशारा: गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी विदेश में बैठे एक कुख्यात तस्कर के सीधे संपर्क में थे और उसी के इशारे पर काम कर रहे थे।
      2. ISI और BKI का सपोर्ट: इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और विदेशों में सक्रिय प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के गुर्गों का पूरा समर्थन हासिल था। ड्रोन या अन्य माध्यमों से इन हथियारों को सीमा पार से भारत लाया गया था।

कड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज, जांच जारी

​इस बड़ी कामयाबी के बाद अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर निम्नलिखित कानून के तहत शिकंजा कसा है:

      • आर्म्स एक्ट (हथियार कानून)
      • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act)
      • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं

आगे की कार्रवाई:

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स’ (यानी यह खेप कहाँ से आई और किसे सप्लाई की जानी थी) को खंगाल रही है। जल्द ही इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ और स्थानीय मददगारों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!