पठानकोट: मांगों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स का कैबिनेट मंत्री के घर बाहर रोष प्रदर्शन

पठानकोट, : पठानकोट में आज ‘सांझा मोर्चा कर्मचारी व पेंशनर्स मंच’ की ओर से पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के आवास के बाहर एक विशाल रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों और भारी संख्या में पेंशनर्स ने हिस्सा लिया।
लंबे समय से लंबित हैं मांगें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी जायज मांगें रख रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया है। इसी उदासीन रवैये के कारण आज उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:
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- पेंशन फार्मूला: पेंशनर्स के लिए 2.59 का फिटमेंट फैक्टर फार्मूला लागू किया जाए। आरोप है कि सरकार ने इसे कम करके लागू किया, जिससे पेंशनभोगियों को सीधा 10\% का नुकसान हो रहा है।
- डीए (DA) और बकाया: महंगाई भत्ते (DA) की किश्तें और उनका बकाया तुरंत जारी किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): ओल्ड पेंशन स्कीम को पूर्ण रूप से बहाल किया जाए।
- 17-07-2020 की नोटिफिकेशन रद्द हो: पंजाब स्टेट मिनिस्टिरियल सर्विसेज यूनियन (पठानकोट) के जनरल सेक्रेटरी हितेश शर्मा ने बताया कि पिछली सरकार द्वारा 17 जुलाई 2020 को जारी की गई नोटिफिकेशन को तुरंत रद्द किया जाए। इसके तहत पंजाब के कर्मचारियों पर केंद्र के अधूरे वेतनमान (7वां वेतन आयोग) थोपे गए हैं, जिससे लिपिक वर्ग (Clerical Staff) को अन्य समकक्ष पदों के मुकाबले हर महीने लगभग ₹20,000 का नुकसान हो रहा है।
- प्रोबेशन पीरियड का भत्ता: प्रोबेशन पीरियड के दौरान पूरा वेतन और भत्ते देने का वादा पूरा किया जाए।
“वोट की चोट के लिए तैयार रहे सरकार”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार के गठन से पहले मंत्रियों (जैसे अमन अरोड़ा) ने उनके साथ धरने पर बैठकर वादे किए थे कि कर्मचारियों का शोषण बंद होगा। लेकिन सरकार बने साढ़े चार साल से अधिक का समय हो चुका है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं, तो आगामी चुनावों में कर्मचारी और पेंशनर्स “वोट की चोट” मारकर सरकार को सबक सिखाएंगे।

17 जुलाई को मोहाली में राज्य स्तरीय रैली का ऐलान
यूनियन नेताओं ने घोषणा की है कि अपनी मांगों को लेकर आगामी 17 जुलाई 2026 को मोहाली में राज्य स्तरीय (सूबा स्तरीय) एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंजाब भर से हजारों की संख्या में कर्मचारी शामिल होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।








